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कभी दंपती के हाथों में थे हथियार, आज चला रहे व्यापार; माओवाद की राजधानी कोंडापल्ली का कैसा है हाल

मुख्यमंत्री 'सुशासन तिहार' के तहत सुदूर वन क्षेत्र के इस गांव पहुंचे थे. जनसंवाद कार्यक्रम में जाते वक्त उन्होंने काफिला रुकवाकर मासा टामो और उनकी पत्नी जयमोती की दुकान का दौरा किया.

कभी दंपती के हाथों में थे हथियार, आज चला रहे व्यापार; माओवाद की राजधानी कोंडापल्ली का कैसा है हाल
कोंडापल्ली में दंपती से मिले सीएम साय.

CM Vishnu Deo Sai: 5 दशकों से माओवाद की राजधानी रहे बीजापुर के कोंडापल्ली गांव में मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार (Sushasan Tihar) की चौपाल लगाकर लोगों से बात की. मुख्यमंत्री के इस दौरे ने माओवाद के खात्मे से आए बड़े बदलाव की ओर सबका ध्यान खींचा है. सीएम ने कोंडापल्ली गांव में एक दंपती की दुकान का दौरा किया. यह दुकान इस लिहाज से भी खास हैं क्योंकि इसे चलाने वाला मासा टामो और उनकी पत्नी जयमोती पिछले साल तक माओवादी आंदोलन से जुड़े रहे थे.

जब सीएम पहुंचे तो उन्होंने काउंटर के पीछे खड़े होकर उनका स्वागत किया. मुख्यमंत्री राज्य में चल रहे 'सुशासन तिहार' (सुशासन उत्सव) के तहत इस सुदूर वन क्षेत्र के गांव के दौरे पर थे. एक ग्रामीण चौपाल (जनसंवाद कार्यक्रम) में भाग लेने के रास्ते में उन्होंने अपने काफिले को इस दुकान के सामने रुकवाया.

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री साय दुकान के भीतर गए, दंपती से मुख्यधारा में लौटने के उनके सफर के बारे में बात की और दुकान से पानी की एक बोतल खरीदी. दंपती का हौसला बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता एक नई शुरुआत का सबसे मजबूत प्रतीक है.

माओवाद से जुड़े रहते समय की दोनों ने सादी

मासा टामो गरीबी और कठिनाइयों के बीच बड़े हुए और कम उम्र में ही उन्होंने अपने पिता को खो दिया था. शिक्षा और अवसरों की कमी के कारण वे साल 2007 में माओवादी संगठन में शामिल हो गए थे. वहीं जयमोती, जो बचपन में ही अनाथ हो गई थीं, वे भी इस विद्रोही आंदोलन में शामिल हो गईं. संगठन में काम करने के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और साल 2021 में उन्होंने शादी कर ली.

प्रतिबंधित आंदोलन में वर्षों बिताने के बाद दंपती को यह एहसास हुआ कि हिंसा का रास्ता कोई उम्मीद नहीं देता.  अधिकारी ने बताया कि अक्टूबर 2025 में उन्होंने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. छत्तीसगढ़ को इस साल 31 मार्च को सशस्त्र माओवादियों से पूरी तरह मुक्त घोषित किया गया है.

कई ग्राम पंचायतों के लोग पहुंचे

दस से ज्यादा ग्राम पंचायतों के ग्रामीण मुख्यमंत्री को देखने और अपनी समस्याओं को लेकर सुशासन तिहार में पहुंचे थे. ग्रामीणों ने सीएम सड़क, बिजली, पानी, सिंचाई और बैंक की मांग की. सीएम ने लोगों की मांगों को लेकर गंभीरता दिखाते जल्द मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया.

सीएम ने कहा कि कोंडापल्ली कभी नक्सलगढ़ था, अब हालत बदल रहे हैं. यहां के युवाओं को रोजगार से जोड़ने का काम करेंगे. कृषि के क्षेत्र में काम करना है. दो बड़ी सिंचाई परियोजना के तहत 2 हजार करोड़ स्वीकृत की गई है.

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