Chhattisgarh Cabinet Decisions 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने विकास कार्यों को रफ्तार देने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर राज्य की आर्थिक व्यवस्था, भर्ती प्रणाली और सड़क निर्माण कार्यों पर देखने को मिलेगा. खास तौर पर स्क्रैप नीलामी समझौते को बढ़ाना और डामर की बढ़ती कीमतों के बीच ठेकेदारों को राहत देना सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल है.
स्क्रैप नीलामी के लिए MSTC से समझौता बढ़ाया
कैबिनेट ने राज्य के विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों में जमा स्क्रैप और अनुपयोगी सामान के निस्तारण के लिए MSTC के साथ समझौते की अवधि अगले तीन साल के लिए बढ़ा दी है. यह अनुबंध पहले नवंबर 2019 से चल रहा था और 31 मई 2026 को समाप्त होने वाला था. अब इसे आगे बढ़ाकर पारदर्शिता और बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है.
ई-नीलामी से मिलेगी पारदर्शिता और बेहतर कीमत
MSTC के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के खरीदार ऑनलाइन बोली लगा सकते हैं. इससे स्क्रैप का सही मूल्य मिलने की संभावना बढ़ जाती है. साथ ही विभागों को अलग-अलग टेंडर प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी. इससे सरकारी दफ्तरों में जगह और साफ-सफाई भी बेहतर हो सकेगी.
कर्मचारी चयन मंडल में बड़ा प्रशासनिक बदलाव
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. इसके लिए शासन के कार्य आवंटन नियमों में बदलाव किया जाएगा. गौरतलब है कि नए कर्मचारी चयन मंडल के गठन के बाद पुराने व्यावसायिक परीक्षा मंडल का इसमें विलय हो चुका है और अब इसकी सारी जिम्मेदारियां इसी नई संस्था के पास हैं.
डामर की बढ़ती कीमतों पर ठेकेदारों को राहत
सड़क निर्माण कार्यों पर पड़ रहे असर को देखते हुए सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक ठेकेदारों को सीमित राहत देने का फैसला किया है. डामर की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी के कारण कई प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे थे. ऐसे में यह कदम निर्माण कार्यों को जारी रखने के लिए जरूरी माना जा रहा है.
तय फार्मूले के आधार पर मिलेगी सहायता
सरकार ने साफ किया है कि यह राहत सिर्फ डामर की कीमत में हुई अतिरिक्त वृद्धि को ध्यान में रखकर दी जाएगी. अन्य निर्माण कार्यों पर पहले से लागू एस्केलेशन नियम ही लागू रहेंगे. इसका उद्देश्य ठेकेदारों को राहत देना है, लेकिन सरकारी प्रणाली को संतुलन में रखना भी है.
विकास कार्यों की गति बनाए रखने पर जोर
कैबिनेट के इन फैसलों के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि राज्य में चल रहे विकास कार्य प्रभावित न हों. सड़क निर्माण, प्रशासनिक सुधार और संसाधनों का बेहतर उपयोग इन तीनों मोर्चों पर सरकार ने संतुलित और व्यावहारिक फैसले लिए हैं, ताकि आम जनता को समय पर सुविधाओं का लाभ मिल सके.