Porta Cabin High School: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थित एक आवासीय स्कूल के तीन छात्राओं के कथित रूप से गर्भवती होने के मामले में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा विधानसभा में सरकार के घेरने के बाद अब मामले की जांच के लिए बीजापुर अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यों वाली एक जिलास्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है. जांच समिति 7 दिन के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी.
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सात दिनों के भीतर अपर जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपेगी जांच समिति
रिपोर्ट के मुताबिक आवासीय स्कूल की तीन छात्राओं के गर्भवती होने के मामले में चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर के अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यों वाली एक जिलास्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है. इस समिति को निर्देश दिया गया है कि वह सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपे.
मीडिया रिपोर्टों की जांच के लिए किया गया है जांच समिति का गठन
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस समिति का गठन मीडिया रिपोर्टों की जांच के लिए किया गया है. इन रिपोर्टों में दावा किया गया था कि बीजापुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले गंगालूर स्थित 'पोर्टा केबिन हाई स्कूल' के छात्रावास की तीन छात्राएं गर्भवती हैं-जिनमें से कुछ कथित तौर पर तीन महीने की गर्भवती हैं, तो कुछ पांच महीने तक की.
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विपक्षी का आरोप, सरकार घटना को दबाने की कोशिश कर रही है
गौरतलब है सोमवार को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया और आरोप लगाया कि गंगालूर स्थित छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाली तीन नाबालिग छात्राएं गर्भवती पाई गई हैं, लेकन सरकार घटना को दबाने की कोशिश कर रही है. दावा किया कि जैसे ही यह खबर सामने आई, तीनों छात्राओं को उनके घर वापस भेज दिया गया और बाद में अधिकारियों ने यह बयान दिया कि वे छात्राएं छात्रावास में अनुपस्थित थीं.
आवासीय स्कूल के छात्रावास में नहीं रहती थीं तीन में से दो छात्राएं
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए, राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि उन तीन छात्राओं में से दो छात्राएं छात्रावास में नहीं रहती थीं, वे 'स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल' में नामांकित थीं और प्रतिदिन अपने घर से ही स्कूल आती-जाती थीं. उन्होंने कहा कि तीसरी छात्रा पहले गंगालूर स्थित 'पोर्टा केबिन हॉस्टल' में ही रहती थी, लेकिन दीपावली की छुट्टियों के दौरान घर चली गई थी और उसके बाद स्कूल वापस नहीं लौटी.
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मंत्री ने छात्राओं के गर्भवती होने से जुड़े दावों पर नहीं की टिप्पणी
मंत्री गजेंद्र यादव ने आगे कहा कि कथित 18 अक्टूबर, 2025 को अपने घर गई तीसरी छात्रा के परिवार से संपर्क करने पर अधिकारियों को पता चला कि उसने अपनी मर्जी से छात्रावास छोड़ा था और वह कहीं और रहने लगी थी और प्रशासन द्वारा उसे छात्रावास से नहीं निकाला गया था. हालांकि, मंत्री ने छात्राओं के गर्भवती होने से जुड़े दावों के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की.
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