Bhilai Nagar Nigam Economical Crisis : छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के भिलाई (Bhilai) नगर निगम की कथित आर्थिक तंगी को लेकर वार्ड नंबर 15 सुंदर नगर के पार्षद संतोष मौर्य ने एक अलग अंदाज़ में विरोध दर्ज कराया. उन्होंने शहर के साईं बाबा मंदिर के सामने बैठकर करीब दो घंटे तक लोगों से भीख मांगी. उनका कहना है कि यह कदम मजबूरी में उठाना पड़ा, ताकि निगम की वित्तीय बदहाली की ओर प्रशासन और जनता का ध्यान खींचा जा सके. इस दौरान राहगीरों और श्रद्धालुओं ने उन्हें कुछ राशि भी दी, जिसे वे प्रतीकात्मक रूप से निगम प्रशासन को सौंपने की बात कह रहे हैं.
डीजल के पैसे तक नहीं, गाड़ियां हुई खड़ी
पार्षद मौर्य का आरोप है कि नगर निगम की आर्थिक हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वाहनों में डीजल भराने तक के लिए रकम नहीं बची. इसी वजह से कई विभागीय गाड़ियां खड़ी रहीं और अधिकारी वार्डों का निरीक्षण भी नहीं कर सके. उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में डीजल बकाया होने के कारण निगम का शव वाहन तक बंद हो गया था, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ी. बाद में जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद अस्थायी रूप से डीजल भरवा कर काम शुरू कराया गया.
मंदिर के सामने बैठकर मांगी मदद
अपने विरोध के तहत संतोष मौर्य साईं बाबा मंदिर के बाहर बैठ गए और लोगों से सहयोग की अपील करने लगे. उन्होंने इसे “सांकेतिक धरना” बताया. उनका कहना है कि जब निगम के पास मूलभूत सेवाओं के लिए भी धन नहीं है, तो जनप्रतिनिधि होने के नाते वे जनता के बीच जाकर व्यवस्था सुधारने की कोशिश कर रहे हैं.
भीख से जुटी रकम आयुक्त को देंगे
पार्षद ने कहा कि जो भी राशि उन्हें लोगों से मिली है, उसे वे नगर निगम आयुक्त को सौंपेंगे. उनका उद्देश्य है कि इस पैसे से निगम की गाड़ियों के लिए डीजल खरीदा जाए, ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों. उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो वे घर-घर जाकर भीख मांगने जैसे कदम भी उठा सकते हैं.
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इस विरोध ने नगर निगम की वित्तीय स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. यदि हालात इतने खराब हैं कि डीजल के पैसे भी नहीं, तो शहर की अन्य सेवाओं का क्या होगा? अब निगाहें निगम प्रशासन पर हैं कि वह इन आरोपों पर क्या स्पष्टीकरण देता है और आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है.
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