Chhattisgarh-Jharkhand Border Road Accident: बलरामपुर जिले (Balrampur) के सीमा से लगे झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरसा घाटी में बीते दिन हुए भीषण सड़क हादसे (Road Accident) में अब तक लोगों की मौत हो गई है. जबकि दर्जनों मरीज गंभीर रूप से घायल हैं. जानकारी के मुताबिक, 5 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 5 मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
भीषण सड़क हादसे में अब तक 10 यात्रियों की मौत
गंभीर रूप से घायलों का इलाज अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रांची और बलरामपुर जिला अस्पताल में चल रहा है. दरअसल, बलरामपुर जिला मुख्यालय से लगे झपरा गांव से 80 से अधिक की संख्या में ग्रामीण वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए झारखंड जा रहे थे. ये सभी ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल की बस में सवार थे. बस जैसे ही सामरी पाठ थाना क्षेत्र और महुआडांड थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके के ओरसा घाटी में पहुंची तो यात्रियों से भरी बस अनियंत्रित होकर पलट गई.
5 महिलाओं की मौके पर ही मौत
इस भीषण सड़क हादसे में 5 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि घायलों को झारखंड महुआडांड के मिशन और जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था. हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया.
वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे झारखंड
सड़क हादसे में घायल हुए लोगों ने बताया कि करीब 80 से 100 लोग बस में सवार थे और सभी वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महुआ डांड लोध जा रहे थे. जैसे ही बस झारखंड की सीमा के ओरसा घाटी में अचानक बस की रफ्तार बढ़ गई. सभी लोग डर से चिल्लाने लगे... सामने मोड़ था और अचानक स्कूल बस की पीछे का पहिया उठ गया और सामने पेड़ से बस टकरा गई.
टकराव इतना भयावह था कि बस जमीन पर दो राउंड घूम गया. इतना ही नहीं घायलों के अनुसार, बस पहले ही कई बार रास्ते में बंद हो चुका था, जिसे लेकर बस पर बैठे लोगों ने वाहन चालक से बात भी की थी, लेकिन वाहन चालक लोगों के बातों पर ध्यान नहीं दिया.
गंभीर रूप से घायल मरीज एम्स हॉस्पिटल रांची और अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती
बता दें कि गंभीर रूप से घायल मरीजों को बेहतर इलाज के लिए झारखंड के रांची के एम्स हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. तो वहीं कुछ मरीजों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. साथ ही सामान्य रूप से घायल मरीजों को बलरामपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां सभी का इलाज चल रहा है. फिलहाल इन मरीजों की हालत खतरे से बाहर है. बलरामपुर स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय होकर मरीजों की ट्रीटमेंट करने में लगी हुई है.
कई मरीजों के हाथ पैर फैक्चर
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर शशांक गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते रात को 17 घायल मरीजों को अस्पताल में लाया गया था. सुबह 9 लोगों को भर्ती किया गया है, सभी लोग खतरे से बाहर हैं. कई मरीजों के हाथ पैर फैक्चर हो गए हैं जिनका स्पेशलिस्ट के देखरेख में स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा बेहतर इलाज किया जा रहा है.