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IPS Dr. Abhishek Pallava: इनके नाम से कांप उठते थे नक्सली, 500 से ज्यादा ने डाल दिए हथियार, जानें डॉक्टर से कैसे बने थे अफसर

IPS Dr. Abhishek Pallava: छत्तीसगढ़ के खूब चर्चित रहे आईपीएस अफसर डॉ अभिषेक पल्लव एक बार फिर से चर्चाओं में हैं. इस बार इनके नामों की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि इनका प्रमोशन हुआ है. आइए जानते हैं इनके बारे में... 

IPS Dr. Abhishek Pallava: इनके नाम से कांप उठते थे नक्सली, 500 से ज्यादा ने डाल दिए हथियार, जानें डॉक्टर से कैसे बने थे अफसर

IPS Officer Dr. Abhishek Pallava: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के छक्के छुड़ाने वाले आईपीएस अफसर डॉ. अभिषेक पल्लव की चर्चा प्रदेश में एक बार फिर से है. नक्सलियों के छक्के छुड़ाने वाले इस अफसर का प्रमोशन हुआ है. नक्सल से लेकर मैदानी इलाके जहां भी इनकी पोस्टिंग हुई है अपने नवाचारों से न केवल इलाके में बदलाव लाया है बल्कि देशभर में काफी सुर्खियां भी बंटोरी हैं. अभी वे छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस एकेडमी में पोस्टेड हैं. आइए जानते हैं इनके डॉक्टर से अफसर बनने और चर्चाओं में रहने की वजहें ... 

डॉ अभिषेक पल्लव साल 2013 बैच के आईपीएस अफसर हैं. वे मूलत: बिहार के रहने वाले हैं. उनके पिता आर्मी में थे. ऐसे में उनकी शिक्षा भी अलग-अलग जगहों में हुई है. वे शुरू से ही  होनहार रहे हैं. उन्होंने गोवा के मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की. फिर दिल्ली एम्स से मनोचिकित्सा में एमडी की डिग्री हासिल की. दिल्ली के कई अस्पतालों में उन्होंने नौकरी की. इस बीच उनके मन में अफसर बनने का ख्याल आया तो यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी.

शादी के बाद पारिवारिक और नौकरी के दायित्वों के बीच यूपीएससी की तैयारी करना बेहद मुश्किल भरा था. उनकी डॉक्टर पत्नी यशा ने भी उनका पूरा साथ दिया. नौकरी के साथ-साथ वे यूपीएससी की तैयारी करने लगे और पहले ही प्रयास में अभिषेक को सफलता मिल गई और वे आईपीएस बन गए. 

500 से ज्यादा नक्सलियों का कराया था सरेंडर

अभिषेक पल्लव छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पोस्टेड रहे हैं. ज्यादातर वक्त उन्होंने नक्सल एरिया में बीताया है. मनोचिकित्सक भी हैं, ऐसे में नक्सलियों की नब्ज भी अच्छी तरह से पकड़ ली थी. नक्सलवाद के खात्मे के लिए उन्होंने कई ऐसे नवाचार किए जिससे न केवल देशभर में चर्चित हुए बल्कि 500 से ज्यादा नक्सली हथियार डालने को मजबूर हो गए थे. इनके नाम से नक्सली कांपने लगे थे. इनका सबसे बड़ा अभियान लोन वर्राटू यानि नक्सलियों के घर वापसी का था. ये पहले अफसर थे जिन्होंने नक्सलियों के नामों को सार्वजनिक कर खुली चुनौती दी थी कि सरेंडर करो वरना एनकाउंटर में मारे जाओगे. 

पहली बार गांवों में फहराया था तिरंगा

अभिषेक पल्लव के नाम नक्सल एरिया में कई बड़ी उपलब्धियां हैं. नक्सलियों के ही गढ़ में उन्हें कई बार चुनौती दी. जहां नक्सलियों की सरकार चलती थी, राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वज नहीं फहरता था, वहां खुद जाकर तिरंगा फहराया था. कई गांवों में हेल्थ कैंप लगाकर खुद ही ग्रामीणों का इलाज करते थे. ग्रामीणों का भरोसा जीतने लगे थे.

गांवों में कैंप लगाकर उनके आधार कार्ड, राशनकार्ड जैसे दस्तावेज बनवाए थे. दंतेवाड़ा में महिला शक्ति को बढ़ावा और नक्सलियों से लोहा लेने के लिए दंतेश्वरी फाइटर्स का गठन किया था. इनके कई नवाचारों को सरकार ने मॉडल के रूप में लिया. अभिषेक पल्लव को राष्ट्रपति वीरता पदक से भी सम्मानित किया गया था.  

खूब हुए थे वायरल

सिर्फ नक्सल इलाके में ही नहीं बल्कि दुर्ग, जांजगीर जैसे मैदानी एरिया में भी अपराधियों के खूब छक्के छुड़ाए थे. इनके वीडियोज भी काफी वायरल हुए थे. इनके गजब के अंदाज को देख लोग काफी तारीफ करते हैं. अभिषेक पल्लव बहुत मृदु और सरल स्वभाव के अफसर हैं. जहां भी गए हैं लोगों का खूब दिल जीता है. 

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