Samvidhan Divas
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Mahaparinirvan Diwas 2025: महापरिनिर्वाण दिवस; स्वतंत्र भारत को लेकर क्या थीं डॉ बीआर अम्बेडकर की चिंताएं
- Saturday December 6, 2025
Mahaparinirvan Diwas: आज़ादी के इतने वर्षों के बाद देश के सामाजिक-राजनैतिक हालात देखकर लगता है कि उनकी चिंताएं और आशंकाएं गैरवाजिब नहीं थीं. डॉ. अम्बेडकर की चिंता थी कि क्या इतिहास स्वयं को दोहराएगा? उन्होंने कहा कि अगर हम जाति और धर्म को देश से ऊपर रखेंगे तो इसमें शक नहीं कि एक बार फिर हमारी स्वतंत्रता खतरे में पड़ जाएगी.
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75th Constitution Day: लोकतंत्र और संविधान बचाने का निर्णायक समय; इंदौर में दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान
- Wednesday November 26, 2025
Samvidhan Divas: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने 75वें संविधान दिवस पर कहा, "हमें इस बात की चिंता है कि इस देश में संवैधानिक व्यवस्था कायम रहेगी या नहीं रहेगी. यहां लोकतंत्र रहेगा या नहीं रहेगा. आज चुनाव आयोग पक्षपाती ढ़ंग से काम कर रहा है. स्वतंत्र लोकतंत्र में निष्पक्षता का चुनाव अहम है..."
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Constitution Day: संविधान निर्माण में नेहरू की भूमिका; अहम प्रावधानों में था पंडित जवाहर लाल नेहरू का योगदान
- Wednesday November 26, 2025
Samvidhan Divas: भारतीय संविधान के निर्माण में उस दौर के तमाम अध्ययनशील और देशहित में सोचने वाले नेताओं एवं विद्वानों का योगदान था. देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की भी देश के एकीकरण और संविधान के अहम प्रावधानों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका थी. बात चाहे रियासतों के एकीकरण की हो, सत्ता के लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की या लक्ष्य संबंधी प्रस्तावों के जरिये संविधान को उसका आधारभूत ढांचा मुहैया कराने की, नेहरू की भूमिका हर जगह सामने आती है.
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Samvidhan Divas: संविधान के एक-एक शब्द में छिपी है गहराई; जानिए क्यों जरूरी है संविधान निर्माण की समझ?
- Wednesday November 26, 2025
Samvidhan Divas: हमारे संविधान निर्माताओं ने जो संविधान रचा, उसके पीछे अनेक परिस्थितियां थीं. ध्यान से देखें तो उस दौर के हालात और उनसे जुड़ी प्रतिक्रियाओं को भी हम संविधान में देख सकते हैं. भारतीय संविधान के प्रावधानों में औपनिवेशिक शासन की कमियों और ज्यादतियों को लेकर प्रतिक्रिया साफ महसूस की जा सकती है. एक परतंत्र देश से स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहे हमारे देश के संविधान निर्माताओं ने संविधान में ऐसी तमाम बातों को शामिल किया जो आज़ादी के महत्व को रेखांकित करती हैं.
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Samvidhan Hatya Diwas: लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय; MP में सालभर होंगे आयोजन
- Wednesday June 25, 2025
Samvidhan Hatya Diwas: भारत में 25 जून 1975 को लागू आपातकाल लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय माना जाता है. इस दौरान केन्द्रीय सत्ता द्वारा नागरिक स्वतंत्रता का निलंबन, मौलिक अधिकारों का हनन, संवैधानिक प्रावधानों की उपेक्षा और दमनकारी कार्यवाहियाँ चरम पर थीं.
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आपातकाल की पृष्ठभूमि
- Thursday July 3, 2025
- Prashant Pole
50 years of Emergency: रायबरेली संसदीय क्षेत्र में भ्रष्ट तरीके अपनाने के आरोप में, प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार राज नारायण ने इंदिरा गांधी पर कोर्ट में मुकदमा दायर किया था. 12 जून को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जगमोहन सिन्हा ने इस मुकदमे में अपना ऐतिहासिक निर्णय सुनाया.
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संविधान सभा में बोले गए थे 36 लाख शब्द, क्या है भारतीय संविधान? जानिए इसका सफर
- Tuesday November 26, 2024
Constitution Day Of India 2024: संविधान सभा की कार्यवाही पर कुल व्यय और उसके दर्शक 26 नवम्बर 1949 को, जिस दिन संविधान सभा में संविधान को अंगीकार किया गया, उस दिन डाॅ राजेन्द्र प्रसाद ने संविधान सभा को बताया कि लगभग तीन साल तक चली संविधान सभा की प्रक्रिया पर कुल 63,96,721 रुपये का व्यय आया. जब संविधान बन रहा था, तब लगभग 53 हज़ार लोगों ने दर्शक दीर्घा से उस प्रक्रिया को देखा. हाथ से लिखे गये इस दस्तावेज में कहीं भी कोई गलती नहीं है, यहां तक कि स्याही का कोई अतिरिक्त बिंदु भी नहीं गिरा दिखाई देगा.
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संविधान की सफलता के सूत्र
- Monday December 2, 2024
संविधान सभा में भारत के संविधान को सफल बनाने के लिए जो सूत्र दिए गये थे, उनको जानना और समझना बहुत जरूरी है. खासकर उन लोगों को ये सूत्र जानना चाहिए, जो संवैधानिक मूल्यों को जाने-समझे बिना, संविधान का विश्लेषण करते हैं या फिर संविधान को खारिज करने का अभियान चलाते हैं.
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संविधान दिवस : मनसा वाचा कर्मणा में हों संवैधानिक मूल्य
- Monday November 25, 2024
संवैधानिक मूल्य हमें सही और ग़लत में फर्क करना सिखाते हैं. संवैधानिक मूल्य की जिम्मेदारी और पालन देखें, तब समझ आता है कि, यह हमारी नैतिकता पर निर्भर करता है. कई बार हमारा आचरण, व्यवहार और कार्य में संवैधानिक मूल्यों का पालन नजर नहीं आता, जिससे संवैधानिक मूल्यों को क्षति पहुंचती है.
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Mahaparinirvan Diwas 2025: महापरिनिर्वाण दिवस; स्वतंत्र भारत को लेकर क्या थीं डॉ बीआर अम्बेडकर की चिंताएं
- Saturday December 6, 2025
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75th Constitution Day: लोकतंत्र और संविधान बचाने का निर्णायक समय; इंदौर में दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान
- Wednesday November 26, 2025
Samvidhan Divas: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने 75वें संविधान दिवस पर कहा, "हमें इस बात की चिंता है कि इस देश में संवैधानिक व्यवस्था कायम रहेगी या नहीं रहेगी. यहां लोकतंत्र रहेगा या नहीं रहेगा. आज चुनाव आयोग पक्षपाती ढ़ंग से काम कर रहा है. स्वतंत्र लोकतंत्र में निष्पक्षता का चुनाव अहम है..."
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Constitution Day: संविधान निर्माण में नेहरू की भूमिका; अहम प्रावधानों में था पंडित जवाहर लाल नेहरू का योगदान
- Wednesday November 26, 2025
Samvidhan Divas: भारतीय संविधान के निर्माण में उस दौर के तमाम अध्ययनशील और देशहित में सोचने वाले नेताओं एवं विद्वानों का योगदान था. देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की भी देश के एकीकरण और संविधान के अहम प्रावधानों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका थी. बात चाहे रियासतों के एकीकरण की हो, सत्ता के लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की या लक्ष्य संबंधी प्रस्तावों के जरिये संविधान को उसका आधारभूत ढांचा मुहैया कराने की, नेहरू की भूमिका हर जगह सामने आती है.
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Samvidhan Divas: संविधान के एक-एक शब्द में छिपी है गहराई; जानिए क्यों जरूरी है संविधान निर्माण की समझ?
- Wednesday November 26, 2025
Samvidhan Divas: हमारे संविधान निर्माताओं ने जो संविधान रचा, उसके पीछे अनेक परिस्थितियां थीं. ध्यान से देखें तो उस दौर के हालात और उनसे जुड़ी प्रतिक्रियाओं को भी हम संविधान में देख सकते हैं. भारतीय संविधान के प्रावधानों में औपनिवेशिक शासन की कमियों और ज्यादतियों को लेकर प्रतिक्रिया साफ महसूस की जा सकती है. एक परतंत्र देश से स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहे हमारे देश के संविधान निर्माताओं ने संविधान में ऐसी तमाम बातों को शामिल किया जो आज़ादी के महत्व को रेखांकित करती हैं.
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Samvidhan Hatya Diwas: लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय; MP में सालभर होंगे आयोजन
- Wednesday June 25, 2025
Samvidhan Hatya Diwas: भारत में 25 जून 1975 को लागू आपातकाल लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय माना जाता है. इस दौरान केन्द्रीय सत्ता द्वारा नागरिक स्वतंत्रता का निलंबन, मौलिक अधिकारों का हनन, संवैधानिक प्रावधानों की उपेक्षा और दमनकारी कार्यवाहियाँ चरम पर थीं.
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आपातकाल की पृष्ठभूमि
- Thursday July 3, 2025
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संविधान सभा में बोले गए थे 36 लाख शब्द, क्या है भारतीय संविधान? जानिए इसका सफर
- Tuesday November 26, 2024
Constitution Day Of India 2024: संविधान सभा की कार्यवाही पर कुल व्यय और उसके दर्शक 26 नवम्बर 1949 को, जिस दिन संविधान सभा में संविधान को अंगीकार किया गया, उस दिन डाॅ राजेन्द्र प्रसाद ने संविधान सभा को बताया कि लगभग तीन साल तक चली संविधान सभा की प्रक्रिया पर कुल 63,96,721 रुपये का व्यय आया. जब संविधान बन रहा था, तब लगभग 53 हज़ार लोगों ने दर्शक दीर्घा से उस प्रक्रिया को देखा. हाथ से लिखे गये इस दस्तावेज में कहीं भी कोई गलती नहीं है, यहां तक कि स्याही का कोई अतिरिक्त बिंदु भी नहीं गिरा दिखाई देगा.
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संविधान की सफलता के सूत्र
- Monday December 2, 2024
संविधान सभा में भारत के संविधान को सफल बनाने के लिए जो सूत्र दिए गये थे, उनको जानना और समझना बहुत जरूरी है. खासकर उन लोगों को ये सूत्र जानना चाहिए, जो संवैधानिक मूल्यों को जाने-समझे बिना, संविधान का विश्लेषण करते हैं या फिर संविधान को खारिज करने का अभियान चलाते हैं.
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संविधान दिवस : मनसा वाचा कर्मणा में हों संवैधानिक मूल्य
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संवैधानिक मूल्य हमें सही और ग़लत में फर्क करना सिखाते हैं. संवैधानिक मूल्य की जिम्मेदारी और पालन देखें, तब समझ आता है कि, यह हमारी नैतिकता पर निर्भर करता है. कई बार हमारा आचरण, व्यवहार और कार्य में संवैधानिक मूल्यों का पालन नजर नहीं आता, जिससे संवैधानिक मूल्यों को क्षति पहुंचती है.
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