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Samvidhan Divas

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'Samvidhan Divas' - 5 News Result(s)
  • 75th Constitution Day: लोकतंत्र और संविधान बचाने का निर्णायक समय; इंदौर में दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान

    75th Constitution Day: लोकतंत्र और संविधान बचाने का निर्णायक समय; इंदौर में दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान

    Samvidhan Divas: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने 75वें संविधान दिवस पर कहा, "हमें इस बात की चिंता है कि इस देश में संवैधानिक व्यवस्था कायम रहेगी या नहीं रहेगी. यहां लोकतंत्र रहेगा या नहीं रहेगा. आज चुनाव आयोग पक्षपाती ढ़ंग से काम कर रहा है. स्वतंत्र लोकतंत्र में निष्पक्षता का चुनाव अहम है..."

  • Constitution Day: संविधान निर्माण में नेहरू की भूमिका; अहम प्रावधानों में था पंडित जवाहर लाल नेहरू का योगदान

    Constitution Day: संविधान निर्माण में नेहरू की भूमिका; अहम प्रावधानों में था पंडित जवाहर लाल नेहरू का योगदान

    Samvidhan Divas: भारतीय संविधान के निर्माण में उस दौर के तमाम अध्ययनशील और देशहित में सोचने वाले नेताओं एवं विद्वानों का योगदान था. देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की भी देश के एकीकरण और संविधान के अहम प्रावधानों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका थी. बात चाहे रियासतों के एकीकरण की हो, सत्ता के लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की या लक्ष्य संबंधी प्रस्तावों के जरिये संविधान को उसका आधारभूत ढांचा मुहैया कराने की, नेहरू की भूमिका हर जगह सामने आती है.

  • Samvidhan Divas: संविधान के एक-एक शब्द में छिपी है गहराई; जानिए क्यों जरूरी है संविधान निर्माण की समझ?‌

    Samvidhan Divas: संविधान के एक-एक शब्द में छिपी है गहराई; जानिए क्यों जरूरी है संविधान निर्माण की समझ?‌

    Samvidhan Divas: हमारे संविधान निर्माताओं ने जो संविधान रचा, उसके पीछे अनेक परिस्थितियां थीं. ध्यान से देखें तो उस दौर के हालात और उनसे जुड़ी प्रतिक्रियाओं को भी हम संविधान में देख सकते हैं. भारतीय संविधान के प्रावधानों में औपनिवेशिक शासन की कमियों और ज्यादतियों को लेकर प्रतिक्रिया साफ महसूस की जा सकती है. एक परतंत्र देश से स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहे हमारे देश के संविधान निर्माताओं ने संविधान में ऐसी तमाम बातों को शामिल किया जो आज़ादी के महत्व को रेखांकित करती हैं.

  • संविधान सभा में बोले गए थे 36 लाख शब्द, क्या है भारतीय संविधान? जानिए इसका सफर

    संविधान सभा में बोले गए थे 36 लाख शब्द, क्या है भारतीय संविधान? जानिए इसका सफर

    Constitution Day Of India 2024: संविधान सभा की कार्यवाही पर कुल व्यय और उसके दर्शक 26 नवम्बर 1949 को, जिस दिन संविधान सभा में संविधान को अंगीकार किया गया, उस दिन डाॅ राजेन्द्र प्रसाद ने संविधान सभा को बताया कि लगभग तीन साल तक चली संविधान सभा की प्रक्रिया पर कुल 63,96,721 रुपये का व्यय आया. जब संविधान बन रहा था, तब लगभग 53 हज़ार लोगों ने दर्शक दीर्घा से उस प्रक्रिया को देखा. हाथ से लिखे गये इस दस्तावेज में कहीं भी कोई गलती नहीं है, यहां तक कि स्याही का कोई अतिरिक्त बिंदु भी नहीं गिरा दिखाई देगा.

  • संविधान की सफलता के सूत्र

    संविधान की सफलता के सूत्र

    संविधान सभा में भारत के संविधान को सफल बनाने के लिए जो सूत्र दिए गये थे, उनको जानना और समझना बहुत जरूरी है. खासकर उन लोगों को ये सूत्र जानना चाहिए, जो संवैधानिक मूल्यों को जाने-समझे बिना, संविधान का विश्लेषण करते हैं या फिर संविधान को खारिज करने का अभियान चलाते हैं.

'Samvidhan Divas' - 5 News Result(s)
  • 75th Constitution Day: लोकतंत्र और संविधान बचाने का निर्णायक समय; इंदौर में दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान

    75th Constitution Day: लोकतंत्र और संविधान बचाने का निर्णायक समय; इंदौर में दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान

    Samvidhan Divas: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने 75वें संविधान दिवस पर कहा, "हमें इस बात की चिंता है कि इस देश में संवैधानिक व्यवस्था कायम रहेगी या नहीं रहेगी. यहां लोकतंत्र रहेगा या नहीं रहेगा. आज चुनाव आयोग पक्षपाती ढ़ंग से काम कर रहा है. स्वतंत्र लोकतंत्र में निष्पक्षता का चुनाव अहम है..."

  • Constitution Day: संविधान निर्माण में नेहरू की भूमिका; अहम प्रावधानों में था पंडित जवाहर लाल नेहरू का योगदान

    Constitution Day: संविधान निर्माण में नेहरू की भूमिका; अहम प्रावधानों में था पंडित जवाहर लाल नेहरू का योगदान

    Samvidhan Divas: भारतीय संविधान के निर्माण में उस दौर के तमाम अध्ययनशील और देशहित में सोचने वाले नेताओं एवं विद्वानों का योगदान था. देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की भी देश के एकीकरण और संविधान के अहम प्रावधानों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका थी. बात चाहे रियासतों के एकीकरण की हो, सत्ता के लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की या लक्ष्य संबंधी प्रस्तावों के जरिये संविधान को उसका आधारभूत ढांचा मुहैया कराने की, नेहरू की भूमिका हर जगह सामने आती है.

  • Samvidhan Divas: संविधान के एक-एक शब्द में छिपी है गहराई; जानिए क्यों जरूरी है संविधान निर्माण की समझ?‌

    Samvidhan Divas: संविधान के एक-एक शब्द में छिपी है गहराई; जानिए क्यों जरूरी है संविधान निर्माण की समझ?‌

    Samvidhan Divas: हमारे संविधान निर्माताओं ने जो संविधान रचा, उसके पीछे अनेक परिस्थितियां थीं. ध्यान से देखें तो उस दौर के हालात और उनसे जुड़ी प्रतिक्रियाओं को भी हम संविधान में देख सकते हैं. भारतीय संविधान के प्रावधानों में औपनिवेशिक शासन की कमियों और ज्यादतियों को लेकर प्रतिक्रिया साफ महसूस की जा सकती है. एक परतंत्र देश से स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहे हमारे देश के संविधान निर्माताओं ने संविधान में ऐसी तमाम बातों को शामिल किया जो आज़ादी के महत्व को रेखांकित करती हैं.

  • संविधान सभा में बोले गए थे 36 लाख शब्द, क्या है भारतीय संविधान? जानिए इसका सफर

    संविधान सभा में बोले गए थे 36 लाख शब्द, क्या है भारतीय संविधान? जानिए इसका सफर

    Constitution Day Of India 2024: संविधान सभा की कार्यवाही पर कुल व्यय और उसके दर्शक 26 नवम्बर 1949 को, जिस दिन संविधान सभा में संविधान को अंगीकार किया गया, उस दिन डाॅ राजेन्द्र प्रसाद ने संविधान सभा को बताया कि लगभग तीन साल तक चली संविधान सभा की प्रक्रिया पर कुल 63,96,721 रुपये का व्यय आया. जब संविधान बन रहा था, तब लगभग 53 हज़ार लोगों ने दर्शक दीर्घा से उस प्रक्रिया को देखा. हाथ से लिखे गये इस दस्तावेज में कहीं भी कोई गलती नहीं है, यहां तक कि स्याही का कोई अतिरिक्त बिंदु भी नहीं गिरा दिखाई देगा.

  • संविधान की सफलता के सूत्र

    संविधान की सफलता के सूत्र

    संविधान सभा में भारत के संविधान को सफल बनाने के लिए जो सूत्र दिए गये थे, उनको जानना और समझना बहुत जरूरी है. खासकर उन लोगों को ये सूत्र जानना चाहिए, जो संवैधानिक मूल्यों को जाने-समझे बिना, संविधान का विश्लेषण करते हैं या फिर संविधान को खारिज करने का अभियान चलाते हैं.

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