Eco Friendly Rakhi
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Rakshabandhan Speical: केले की वेस्टेज अब नहीं होगी वेस्ट, इससे बन रही हैं ईको फ्रेंडली राखियां... साथ ही ये सारी चीजें भी...
- Friday August 16, 2024
- Reported by: शारिक अख्तर दुर्रानी, Edited by: विवेक गुप्ता
Eco Friendly Rakhi: बुरहानपुर जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित फतेहपुर गांव में महिलाएं ईको फ्रेंडली राखियां बना रही हैं. इन राखियों को बनाने में केले के तने और पर्यावरण के अनुकूल दूसरी वस्तुओं का प्रयोग किया जाता है. मार्केट में भी इन राखियों की अच्छी खासी मांग है.
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बालोद : पर्यावरण को ध्यान में रख बनाई जा रही इको फ्रेंडली राखी, मार्केट में जमकर हो रही डिमांड
- Thursday August 24, 2023
- Reported by: संतोष कुमार साहू, Edited by: बिक्रम कुमार सिंह
इसे इको फ्रेंडली राखी इसीलिए कहा जाता है क्योंकि घरेलू सामग्रियों का उपयोग कर इसका निर्माण किया जा रहा है. जैसे चावल, दाल के दाने, सब्जियों के बीज, धान की बाली, और अब गोबर से राखियों का निर्माण किया जा रहा है. जिसकी डिमांड सिर्फ बालोद जिले में ही नही बल्कि अन्य जिलों से भी आ रही है.
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बिलासपुर : रक्षाबंधन के मौके पर धान और चावल की मदद से स्टूडेंट्स बना रहे हैं इको फ्रेंडली राखी
- Monday August 21, 2023
- Reported by: नीलेश त्रिपाठी, Edited by: बिक्रम कुमार सिंह
पिछले साल छात्रों ने 4 हजार 500 राखियां बनाई थी लेकिन इस साल लोगों के डिमांड को देखते हुए 12 हजार राखियां बनाई जा रही है.
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