मध्यप्रदेश के इस गांव ने 'मिनी ब्राजील' नाम से बनाई पहचान, 'मन की बात' में PM Modi ने किया जिक्र

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के विचारपुर को मिनी ब्राजील कहा जाता है. लेकिन एक समय यह गांव अवैध शराब के लिए बदनाम था.

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मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के विचारपुर को मिनी ब्राजील कहा जाता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (30 जुलाई) को मन की बात के 103वें संस्करण को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ के प्रयासों की सराहना की, साथ ही कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. पीएम मोदी ने इस दौरान मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के विचारपुर गांव का भी जिक्र किया, जिसकी पहचान बीते कुछ समय से 'मिनी ब्राजील' के तौर पर है.

शहडोल जिले का विचारपुर गांव पहले अवैध शराब के लिए बदनाम था, लेकिन बीते ढाई दशक में इस गांव ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है. आज यह गांव उभरते हुए स्टार फुटबॉलर खिलाड़ियों का घर है. इस गांव से नेशनल और स्टेट लेवल के 45 से अधिक खिलाड़ी आते हैं. गांव में कहावत है कि जब भी कोई बच्चा जन्म लेता है, वह अपने पैरों में फुटबॉल बांधकर पैदा होता है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में मिनी ब्राजील को लेकर कहा,"मैं आपको मध्य प्रदेश की एक प्रेरक यात्रा के बारे में भी बताना चाहता हूँ. यह मिनी ब्राज़ील की प्रेरक यात्रा है. आप सोच रहे होंगे कि मध्य प्रदेश में मिनी ब्राजील कहां से आ गया, खैर, ये तो बात है, एमपी में शहडोल का एक गांव है विचारपुर. विचारपुर को मिनी ब्राजील कहा जाता है. 'मिनी ब्राज़ील', चूंकि, आज यह गांव फुटबॉल के उभरते सितारों का गढ़ बन गया है. कुछ हफ्ते पहले जब मैं शहडोल गया था, तो वहां मेरी मुलाकात कई फुटबॉल खिलाड़ियों से हुई. मुझे लगा कि हमारे देशवासियों को, विशेषकर हमारे युवा मित्रों को इसके बारे में जरूर जानना चाहिए."

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पीएम मोदी ने मन की बात में आगे कहा,"साथियों, विचारपुर गांव के मिनी ब्राजील बनने की यात्रा ढाई दशक पहले शुरू हुई थी. उस दौरान विचारपुर गांव अवैध शराब के लिए बदनाम था. नशे की चपेट में था. इस तरह के माहौल का सबसे बड़ा खामियाजा यहां के युवाओं को भुगतना पड़ रहा था."

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव की तस्वीर बदलने वाले पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी रईस अहमद के प्रयासों की सरहाना करते हुए कहा,"एक पूर्व नेशनल प्लेयर और कोच रईस एहमद ने इन युवाओं की प्रतिभा को पहचाना. रईस जी ने युवाओं को फुटबॉल सिखाना शुरू किया. कुछ साल के भीतर ही यहां फुटबॉल इतनी प्रसिद्ध हो गई कि बिचारपुर गांव की पहचान ही इससे होने लगी."

पीएम मोदी ने इस दौरान विचारपुर में चल रही फुटबॉल क्रांति का भी जिक्र किया. गांव में इस प्रोग्राम के तहत आस-पास के युवाओं को फुटबॉल से जोड़ा जा रहा है और उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है. इसके अलावा विचारपुर गांव से शुरू हुआ कारवां अब धीरे-धीरे शहडोल में अपने पैर पसार रहा है. शहडोल में अब इस गांव के आस-पास 1200 से अधिक फुटबॉल क्लब सक्रिय हैं. इतना ही नहीं कई पूर्व खिलाड़ी और कोच यहां युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं.

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पीएम मोदी ने आगे कहा,"जो आदिवासी इलाका अवैध शराब के लिए जाना जाता था, नशे के लिए बदनाम था, वो आज देश की फुटबॉल नर्सरी बन गया है. इसीलिए कहा जाता है- जहां चाह, वहां राह. हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. निश्चित तौर पर इन्हें खोजने और पोषित करने की जरूरत है. आगे चलकर यही युवा देश का नाम भी रोशन करते हैं और देश के विकास को दिशा भी देते हैं.

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में शहडोल की यात्रा पर थे. इस दौरान उन्होंने पकरिया कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. जहां उन्होंने आदिवासियों से मुलाकात की थी, साथ ही विचारपुर गांव के खिलाड़ियों से भी मुलाकात की थी. पीएम मोदी से इस दौरान चार और पांच साल के फुटबॉल खिलाड़ी मिली थे.

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