कौन हैं जनरल डीबी शेकटकर, जिन्होंने 1 करोड़ की सम्मान निधि को कर दिया दान

जनरल शेकटकर को इस समिति ने सम्मान के रूप में एक करोड़ (1 Crore) रुपए की राशि भी भेंट की. वहीं, इस एक करोड़ की राशि को जनरल शेकटकर ने नासिक की सेंट्रल हिंदू ऐजुकेशन सोसायटी को भेंट कर दिया.

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डीबी शेकटकर

General DB Shekatkar: सिक्किम सेंट्रल यूनिवर्सिटी के चांसलर तथा रिटायर्ड जनरल डीबी शेकटकर को पुणे की लोकमान्य मल्टीपरपज को- ऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा सम्मानित किया गया. जनरल शेकटकर को इस समिति ने सम्मान के रूप में एक करोड़ (1 Crore) रुपए की राशि भी भेंट की. वहीं, इस एक करोड़ की राशि को जनरल शेकटकर ने नासिक की सेंट्रल हिंदू ऐजुकेशन सोसायटी को भेंट कर दिया. भोंसले मिलिट्री स्कूल नासिक द्वारा नागपुर में प्रशासनिक सेवा तैयारी के लिए प्रशिक्षण सीनियर महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है. इसी महाविद्यालय की स्थापना के लिए भेंट की गई राशि खर्च की जाएगी. जनरल शेकटकर भोंसले मिलिट्री स्कूल नासिक के अध्यक्ष भी हैं. डीबी शेकटकर का पूरा नाम दत्तात्रेय बालाजीराव शेकटकर है.

कौन हैं जनरल डीबी शेकटकर

कश्मीर में सबसे अधिक आतंकवादियों से आत्मसमर्पण करने का विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले जनरल डीबी शेकटकर की अध्यक्षता में सेना के तीनों अंगों के कार्यों में सुधार लाने के लिए जनरल डीबी शेकटकर कमेटी का गठन भी किया गया. इसकी सिफारिशें लगातार लागू हो रही हैं. जबलपुर निवासी जनरल शेकटकर द्वारा देश सेवा और सेना के लिए समर्पण और लगाव की भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए सम्मानित किया गया. शेकटकर तीन विषयों में पीएचडी कर चुके हैं.

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सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल दत्तात्रेय बालाजीराव शेकटकर

सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल दत्तात्रेय बालाजीराव शेकटकर के पास अंतर्राष्ट्रीय मामलों, आतंकवाद, नक्सली, सुरक्षा मामलों पर अनुभव और विशेषज्ञता है. उन्होंने 16 किताबें लिखी हैं. उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था. उन्होंने 1965 में कश्मीर में पाक युद्ध, 1971 में पश्चिमी युद्ध और 1999 में कारगिल घुसपैठ के दौरान प्रमुख पदों को संभाला. वह सेना मुख्यालय में डीजीएमओ भी रह चुके हैं.

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