मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई संभागों में मौसम का मिज़ाज बदला हुआ नजर आ रहा है. भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में बादल छाए हुए हैं, जबकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं.
ओलावृष्टि की आशंका, अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया है. इससे खासतौर पर किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है. विभाग के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटे बेहद अहम हैं और इस दौरान मौसम अस्थिर बना रह सकता है.
तापमान में गिरावट से बढ़ी ठिठुरन
प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है. ठंडी हवाओं के चलते सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ गई है.
27 जनवरी को भी दिखा असर
गौरतलब है कि 27 जनवरी को भी मध्य प्रदेश के कई जिलों में ओलावृष्टि और बारिश का दौर देखने को मिला था, जिससे सर्दी का असर तेज हो गया और खेत-खलियानों में फसलों को काफी नुकसान हुआ.
ग्राउंड ज़ीरो से रिपोर्ट: गुना में ओलावृष्टि से भारी नुकसान
गुना जिले में मौसम में आए अचानक बदलाव के बाद जोरदार बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. जिले के करीब 15 से अधिक गांवों में ओले गिरने की सूचना है. कई इलाकों में गेहूं की खड़ी फसल खेतों में गिर गई, जबकि धनिया की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है.
NDTV की टीम ने ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंचकर किसानों से हालात जाने. किसानों ने बताया कि सुबह करीब 8:30 बजे अचानक पहले ओले गिरे, फिर तेज बारिश शुरू हो गई. इससे धनिया की फसल तीन खेतों में पूरी तरह बिछ गई और कई जगह से टूट गई, जिससे फसल पूरी तरह खराब हो गई.
किसानों का कहना है कि पटवारी से फोन पर बात हुई है, जिन्होंने दो-तीन दिन बाद मौके पर आने की बात कही है. वहीं किसानों ने यह भी बताया कि पिछली बार मक्का की फसल खराब होने पर अब तक मुआवजा नहीं मिला, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है.