मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने मंत्री कुंवर विजय शाह के एक विवादित बयान को लेकर कड़ा विरोध जताया है. विभाग ने आरोप लगाया है कि भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में की गई टिप्पणी न सिर्फ एक सैन्य अधिकारी का अपमान है, बल्कि देश की सेना और सैनिकों के सम्मान को भी ठेस पहुंचाती है. पूर्व सैनिक विभाग ने केंद्र और राज्य सरकार से मंत्री विजय शाह के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा उन्हें मंत्री पद से हटाने की मांग की है.
दरअसल, मध्य प्रदेश कैबिनेट की नियमित बैठक में मोहन कैबिनेट विजय शाह के समर्थन में एकजुट हो गई. इस दौरान फैसला लिया गया कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी जाएगी. इसी के विरोध में कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने आंदोलन की भी चेतावनी दी है.
विवादित टिप्पणी की कड़ी निंदा
पूर्व सैनिक विभाग, कांग्रेस मध्य प्रदेश ने जारी बयान में कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान देश सेना के शौर्य और पराक्रम की सराहना कर रहा था. ऐसे समय में मंत्री कुंवर विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के संबंध में की गई कथित टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है. विभाग का कहना है कि इस तरह के बयान सेना के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले हैं.
जनसभा में दिया था बयान
पूर्व सैनिक विभाग के अनुसार, 13 मई 2025 को इंदौर के समीप महू (मानपुर) में आयोजित एक जनसभा के दौरान मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. विभाग का कहना है कि इस बयान के बाद देशभर में व्यापक नाराजगी देखने को मिली और विभिन्न वर्गों ने इसका विरोध किया.
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का भी हुआ जिक्र
बयान में कहा गया है कि मामले को गंभीर मानते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था और मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे. पूर्व सैनिक विभाग का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों में निराशा है. विभाग ने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की ओर से भी जांच और आवश्यक कार्रवाई के संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं.
मंत्री पद पर बने रहने पर जताई आपत्ति
पूर्व सैनिक विभाग ने मंत्री विजय शाह को मंत्रिमंडल में बनाए रखने के फैसले पर भी नाराजगी जताई है. विभाग का कहना है कि इतने संवेदनशील मामले में सख्त रुख अपनाने के बजाय संबंधित मंत्री को पद पर बनाए रखना गलत संदेश देता है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि निष्पक्ष जांच के साथ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
"सेना किसी दल की नहीं, पूरे देश की है"
पूर्व सैनिक विभाग ने अपने बयान में कहा कि भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की सेना है. सेना के किसी अधिकारी या जवान के प्रति अपमानजनक टिप्पणी देश के करोड़ों नागरिकों की भावनाओं और सैनिकों के त्याग का अनादर है. विभाग का मानना है कि सेना और सैन्य अधिकारियों का सम्मान राजनीति से ऊपर होना चाहिए.
विभाग ने केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार से मांग की है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की जाए. साथ ही उन्हें मंत्री पद से हटाने का भी आग्रह किया है. विभाग का कहना है कि इससे यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि सेना के सम्मान के मामले में किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी.
आंदोलन की चेतावनी
पूर्व सैनिक विभाग ने कहा है कि यदि इस मामले में जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो पूर्व सैनिक भारतीय सेना की गरिमा और अपने सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे. विभाग ने कहा कि ऐसी स्थिति बनने पर इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी.