UPSC Success Story: 56वीं रैंक लाने वाली समीक्षा द्विवेदी ने खुद बताई अपनी कहानी- VIDEO, तीन बार असफल रहीं, फिर जॉब के साथ की तैयारी

मऊगंज जिले की समीक्षा द्विवेदी ने यूपीएससी 2025 (UPSC Civil Services Examination 2025) में 56वीं रैंक हासिल की है.उनके पिता मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MP Pollution Control Board) में रीजनल ऑफिसर के पद पर भोपाल में पदस्थ हैं. समीक्षा की हाल ही में शादी हुई है. उन्होंने 'NDTV' से वीडियो के जरिए अपनी कहानी सफलता की साझा की है.

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Mauganj Samiksha Dwivedi Secures 56th Rank in UPSC 2025

UPSC Success Story: सपने उन्हीं के सच होते हैं जिनके हौसलों में जुनून और जज्बा होता है. लगातार UPSC में अपनी किस्मत आजमा रही समीक्षा द्विवेदी ने भी इसे जज्बे और जिद से आखिरकार चौथे अटेम्प्ट में सफलता हासिल की. मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के डगडौआ गांव की रहने वाली समीक्षा ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक सिविल सेवा परीक्षा UPSC 2026 में 56वीं रैंक हासिल कर अपना ही नहीं अपने परिवार का सपना भी साकार किया है.  

दरसअल, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम 6 मार्च 2026 को घोषित किए. मऊगंज जिले की समीक्षा द्विवेदी ने UPSC 2025 (UPSC Civil Services Examination 2025) में 56वीं रैंक हासिल की है. उनके माता-पिता का सुनीता द्विवेदी और श्रीनिवास द्विवेदी हैं. पिता मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MP Pollution Control Board) में रीजनल ऑफिसर के पद पर भोपाल में पदस्थ हैं. समीक्षा की स्कूली शिक्षा इंदौर से हुई है. इसके बाद उन्होंने बी.टेक एसआरएम यूनिवर्सिटी, कट्टनकुलाथुर (SRM University, Kattankulathur, Chennai) से किया. इसके बाद करीब दो साल तक सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में काम किया. फिर नौकरी छोड़कर आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) से एमबीए किया. 

2021 में शुरू की थी UPSC Preparation

समीक्षा ने NDTV को बताया कि उन्हें समाज से जुड़ा काम (Social Service Career) करना था. इसलिए उन्होंने सिविल सर्विसेज परीक्षा (Civil Services Exam) देने का फैसला लिया. 2021 में तैयारी (UPSC Preparation Start 2021) शुरू की और इसी साल एग्जाम दिया. लेकिन, प्रीलिम्स क्लियर नहीं हो सका. साल 2022 में दूसरे प्रयास में प्रीलिम्स (Prelims Exam) क्लियर हुआ, लेकिन मेन्स में रह गईं. तीसरे प्रयास 2023 में मेन्स एग्जाम (Mains Examination) भी क्लियर हुआ, लेकिन 18 अंकों से अंतिम चयन से रह गई. 

सफलता नहीं मिली तो जॉब के साथ की UPSC की तैयारी 

लगातार तीन असफलता के बाद समीक्षा ने दोबारा अपनी तैयारी शुरू की. 2024 में रणनीति में कुछ बदलाव किए, जो काम नहीं कर पाए. फिर 2025 में नई रणनीति के साथ तैयारी शुरू की. उन्होंने तय किया कि अब जॉब (Job with Preparation) के साथ यूपीएससी की तैयारी करेंगी. इसी दौरान उन्हें कैनरा बैंक (Canara Bank) में आईबीपीएस पीओ (IBPS PO) की नौकरी मिल गई.  

पढ़ाई के घंटे कभी तय नहीं किए 

इसी बीच समीक्षा की शादी हो गई थी. समीक्षा बताती हैं कि उनके पति और ससुराल वाले काफी सहयोगी रहे. उन्होंने मेरी तैयारी के दौरान कई साल तक शादी के लिए इंतजार किया. इंटरव्यू के समय भी उन्हें पूरा सहयोग दिया. समीक्षा बताती हैं उन्होंने पढ़ाई के लिए घंटे तय नहीं किए थे. वे अपने दिन को अलग-अलग हिस्सों में बांटती थी. सुबह करंट अफेयर्स (Current Affairs Study) पर ध्यान देती थी. टेस्ट सीरीज (Test Series Practice) देती थी और उसका इवैल्यूएशन (Test Evaluation) भी करती थी. दिन के अंत में स्टैटिक सब्जेक्ट्स का रिवीजन (Static Subjects Revision) करती थी.

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समीक्षा ने बताया सफलता का मंत्र 

समीक्षा द्विवेदी कहा कि मेरी इस यूपीएससी जर्नी (UPSC Journey) में लगातार मेहनत (Hard Work) और धैर्य (Persistence) का बहुत बड़ा योगदान रहा है. मेरे माता-पिता (Parents Support), भाई-बहन (Siblings Support), ससुराल वाले (In-Laws) और सभी रिश्तेदारों (Family Support System) का इसमें महत्वपूर्ण योगदान है. समय के साथ मैंने खुद को रिजल्ट से अलग रखना (Detach from Result) भी सीख लिया था. मैंने सिर्फ अपनी पढ़ाई और टेस्ट पर ध्यान दिया. यह सोचना बंद कर दिया था कि मुझे कौन सी सर्विस (Civil Service) मिलेगी या मेरा चयन होगा या नहीं. इसी वजह से मैं बहुत शांत और रिलैक्स तरीके से पढ़ाई (Focused Preparation) कर पाई, और इसका फायदा मुझे मेरे परिणाम में मिला.

गांव में जश्न का माहौल 

समीक्षा द्विवेदी की इस शानदार उपलब्धि पर गांव से लेकर शहर तक लोग गर्व महसूस कर रहे हैं. समीक्षा ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर जिले का नाम रोशन किया है. परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों की ओर से समीक्षा को लगातार बधाइयां दी जा रही है. गांव में जश्न का माहौल है. समीक्षा द्विवेदी की सफलता उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करते हैं.

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