रायपुर/बस्तर: दशकों तक बम, बंदूक और लाल आतंक का दंश झेलने वाले बस्तर संभाग में इस बार आजादी का जश्न ऐतिहासिक होने जा रहा है. छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी 10 अगस्त से प्रदेशव्यापी 'तिरंगा यात्रा' का आगाज करने जा रही है. रायपुर के मरीन ड्राइव से शुरू होने वाली इस यात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु नक्सल प्रभाव से मुक्त हो रहा बस्तर रहेगा.
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समरसता और 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को सुदृढ़ करना है. प्रदेश की 450 से अधिक भाजपा मंडल इकाइयों, ग्राम पंचायतों और निकायों में यह जनजागरण यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स, पूर्व सैनिक और स्थानीय नागरिक पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे.
92 गांवों में पहली बार लहराएगा तिरंगा
बस्तर के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब घोर नक्सल प्रभावित रहे इलाकों में आजादी का पर्व भव्यता से मनाया जाएगा. प्रदेश के अति-संवेदनशील समझे जाने वाले बीजापुर के 33, सुकमा के 50 और नारायणपुर के 9 अति-दुर्गम गांवों में आजादी के बाद पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा.
500 स्थान अमर बलिदानियों के नाम
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के अनुसार, बस्तर में शांति स्थापना और नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के परिवारों तक कार्यकर्ता पहुंचकर उन्हें तिरंगा भेंट कर रहे हैं. 15 अगस्त के अवसर पर बस्तर संभाग के 500 से अधिक प्रमुख चौराहों, स्कूलों और सामुदायिक भवनों का नामकरण देश और प्रदेश के अमर शहीदों के नाम पर किया जाएगा.
तिरंगा यात्रा पर सियासत भी तेज
एक तरफ सरकार का दावा है कि इस यात्रा से बस्तर के गांव-गांव में देशभक्ति का संदेश जाएगा और लोकतंत्र विरोधी तत्व मुख्यधारा में लौटेंगे. वहीं दूसरी तरफ, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा तिरंगे के नाम पर राजनीति कर जनता में भ्रम फैला रही है. ये लोग तिरंगे का विरोध करने वाले लोग हैं.