Nasbandi Camp: नसबंदी शिविर में अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही; यहां महिलाओं की जान से खिलवाड़!

Nasbandi Camp: महिला नसबंदी शिविर में बड़ी लापरवाही सामने आयी है. इस मामले में न जिला अस्पताल के सिविल सर्जन सामने आए और न ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा के ब्लाॅक मेडिकल ऑफिसर.

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Nasbandi Camp: नसबंदी शिविर में अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही; यहां महिलाओं की जान से खिलवाड़!

Nasbandi Camp: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिला अस्पताल (Tikamgarh District Hospital) में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत महिला नसबन्दी शिविर (Nasbandi Camp) का आयोजन किया गया. इस कैंप में न महिलाओं को ओटी से पलंग तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर मिला और न ही घर जाने के लिए कोई वाहन. जिसके कारण परिजनों को मरीजों को हाथों में उठाकर ले जाना पड़ा. वहीं एक पलंग पर एक साथ तीन-तीन महिलाओं को लिटाया गई, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा रहा. आइए जानते हैं पूरा मामला.

परिजनों ने लगाए ये आरोप

इस कैंप में लुहारगुवां गांव से आए नितेंद्र सिंह घोष ने बताया कि वे अपनी चाची का नसबंदी ऑपरेशन कराने जिला अस्पताल आए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से घर से लाने-ले जाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए. उन्हें किराए का वाहन करके अस्पताल आना पड़ा और ऑपरेशन के बाद भी उसी वाहन से घर ले जाना पड़ रहा है. इस नसबंदी शिविर के इंचार्ज बीएमओ डॉक्टर अंकित साहू थे.

जिम्मेदारों ने नहीं उठाया फोन

वहीं इस मामले में न जिला अस्पताल के सिविल सर्जन सामने आए और न ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा के ब्लाॅक मेडिकल ऑफिसर. इस मामले में जब प्रभारी सीएमएचओ डॉक्टर पीके माहौर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

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