MP में कागजों में गौशाला चलाकर भ्रष्ट डकार रहे करोड़ों रुपये, सड़क हादसों में रोड पर जान गंवा रहीं हैं गौ माताएं

Chhatarpur News: छतरपुर जिले में कागजों में 30 गौशालाएं खुली हैं. लेकिन यहां फिर भी हजारों गोवंशों का सड़कों पर जमावड़ा लगा रहता है. कई बार सड़क पर बैठे गोवंशों की वजह से बड़े सड़क हादसे भी हो जाते हैं. इन हादसों का आम आदमी और गोवंश दोनों शिकार बन जाते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
MP में यहां कागजों में चल रही गौशालाएं!  सड़क पर हैं गायें, आए दिन हो रहे सड़क हादसे! 

MP News In Hindi: एमपी के छतरपुर जिले में करीब 30 गौशालाएं हैं. इन गौशालाओं में गोवंश को रखने के लिए सरकार अनुदान भी देती है. लेकिन क्या मिलने वाला अनुदान काफी है? क्या जो अनुदान मिल रहा है, उसका सही इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसे कई सवाल जोर पकड़ रहे हैं. 

बेसहारा जानवरों को शिफ्ट नहीं किया

इसके साथ पूर्व की कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में जिले में पंचायत स्तर पर भी कई गौशालाओं का निर्माण शुरू करवाया गया था. इस योजना के तहत भी करीब 170 गौशालाएं बनाई गई थी, गोवंश को रखने के लिए अधोसंरचना और अनुदान की कोई कमी नहीं है, फिर भी बेसहारा जानवरों को शिफ्ट नहीं किया जा रहा है.

Advertisement

हर वार्ड में 30 से 40 गायें हैं

जानकारों की मानें तो छतरपुर शहर में लगभग तीन हजार से अधिक गायें सड़कों पर बेसहारा भटक रही हैं. इनके रहने, खाने-पीने का इंतजाम नहीं है. शहर के हर वार्ड में कम से कम 30 से 40 गायें हैं, जो खाने की तलाश में सड़कों, गलियों में भटकती रहती हैं. हर सड़क पर इनकी वजह से जाम लगता है. सड़क के किनारे और सड़क पर बैठी गायों को बचाने के प्रयास में दुर्घटना हो रही हैं. रात में समय सड़क पर बैठे गोवंश सड़क दुर्घटनाओं की वजह बन रहे हैं. लोग हादसों का शिकार होकर जान गंवा रहे हैं.

Advertisement

ये भी पढ़ें- पत्थरबाज आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई से भड़के ओवैसी, एक्शन को 'स्टेट स्पॉन्सर्ड सांप्रदायिकता' करार दिया

Advertisement

रोजाना 5 एक्सीडेंट हो रहे..

गायों को बचाने के चक्कर में रोजाना 5 एक्सीडेंट शहर में हो रहे हैं. बारिश के मौसम में पशुओं को मक्खियां काटती हैं, इनसे बचने के लिए वे सड़कों पर बैठने लगते हैं. छतरपुर के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर इन दिनों बड़ी संख्या में आवारा पशुओं का जमावाड़ा लगा रहता है. 

ये भी पढ़ें- VHP ने गोवंश की सुरक्षा के लिए उठाई पेंशन योजना की मांग, जानें कितनी कारगर हो सकती है ये योजना?

Topics mentioned in this article