दिन में सब्जी बेचने की आड़ में रेकी, रात में मंदिरों में चोरी करता था आरोपी; पुलिस ने ग्राहक बनकर पकड़ा

सागर में मंदिरों में हो रही लगातार चोरियों का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को पकड़ा, जो दिन में सब्जी बेचने की आड़ में मंदिरों की रेकी करता था और रात में दानपेटियों के ताले तोड़ देता था.

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Temple Theft News India: सागर में मंदिरों में हो रही चोरियों का खुलासा करते हुए गोपालगंज पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को पकड़ा है, जो दिन में सब्जी बेचने की आड़ में सुनसान मंदिरों की रेकी करता और रात के अंधेरे में दानपेटियों के ताले तोड़कर नकदी उड़ा देता था. पुलिस ने बेहद सूझबूझ दिखाते हुए सब्जी मंडी में ग्राहक बनकर कई दिनों तक निगरानी की और फिर उसे रंगे हाथों दबोच लिया. आरोपी ने पूछताछ में 2020 से अलग-अलग मंदिरों में चोरी करने की बात कबूल की है.

शिव मंदिर में टूटी दानपेटी से बढ़ा शक

हाल ही में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित शिव मंदिर में दानपेटी के ताले टूटे मिले और अंदर रखी नगदी गायब थी. इस घटना ने पुलिस के सामने बड़े खुलासे की चुनौती खड़ी कर दी. थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीमें बनाई गईं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया गया, जिससे जांच आगे बढ़ी.

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तड़के 3 बजे मंडी की ओर जाता दिखा संदिग्ध

जांच के दौरान एक अहम क्लू हाथ लगा, वारदात के बाद एक संदिग्ध व्यक्ति सुबह करीब 3 बजे सब्जी मंडी की दिशा में जाता दिखा. इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने रणनीति बनाई. टीम के कुछ सदस्य कई दिनों तक रोजाना तड़के 3 से 6 बजे तक ग्राहक बनकर सब्जी मंडी में डटे रहे और फुटेज से मिलते-जुलते हुलिए वाले शख्स पर नजर रखी.

सीसीटीवी से मिलान के बाद संदिग्ध की पहचान तय की गई और पुलिस ने बिना शोर-शराबे के उसका पीछा कर उसके ठिकाने की पुष्टि की. जब पर्याप्त साक्ष्य जुट गए, तो आरोपी को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में उसने मंदिरों में चोरी करने का अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद कई अहम बातें सामने आईं.

शहर में बेचता था सब्जी

गिरफ्तार आरोपी का नाम समीर अली, पिता शाहिद अली, उम्र 43 वर्ष, निवासी बाघराज प्रधानमंत्री आवास, थाना मोतीनगर, जिला सागर है. वह ठेले पर सब्जी बेचता था. दिनभर शहर के अलग-अलग इलाकों में सब्जी बेचते हुए वह ऐसे मंदिर चिन्हित करता, जहां भीड़ कम हो और निगरानी ढीली रहती हो.

आरोपी हर दो-तीन दिन में, जब उसका माल खत्म होता, तो तड़के करीब 3 बजे स्कूटी से मंडी जाने का बहाना बनाकर निकलता. लेकिन मंडी पहुंचने से पहले वह चिन्हित मंदिर में घुसता, लोहे की रॉड से दानपेटी का ताला तोड़ता और नकदी व अन्य सामान लेकर निकल जाता. चेहरा छिपाने के लिए वह मास्क और गमछा इस्तेमाल करता था. वारदात के तुरंत बाद सीधे मंडी पहुंचकर सब्जी खरीदता और दिनभर सामान्य तरीके से ठेला लगाकर बिक्री करता, ताकि किसी को शक न हो.

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2020 से कई मंदिरों में चोरी  

पुलिस पूछताछ में समीर अली ने वर्ष 2020 से कई मंदिरों में इसी तरीके से चोरी करने की बात कबूल की. फिलहाल पुलिस उससे अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है और चोरी गई नकदी व सामान की बरामदगी के प्रयास जारी हैं. आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित साक्ष्यों का संकलन और अन्य संभावित स्थानों की पुष्टि भी की जा रही है.