Swachh Jal Abhiyan: मप्र में स्वच्छ जल अभियान; CM मोहन ने कहा शहर हो गांव हर जगह साफ पेयजल मिले

Swachh Jal Abhiyan Madhya Pradesh: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल गुणवत्ता का व्यापक परीक्षण करना है. साथ ही जल आपूर्ति प्रणाली में लीकेज, दूषित जल की पहचान कर समय पर सुधार करना, जिससे जल-जनित बीमारियों से बचाव हो सके.

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Swachh Jal Abhiyan: मप्र में स्वच्छ जल अभियान; CM मोहन ने कहा शहर हो गांव हर जगह साफ पेयजल मिले

Swachh Jal Abhiyan: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) शनिवार को शाम 5 बजे मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से "स्वच्छ जल अभियान'' (Swachh Jal Abhiyan) का शुभारंभ करेंगे. यह अभियान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एक साथ शुरू होगा. अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रदेश के महापौर, नगरपालिका निगम, नगरपालिका परिषद, नगर पंचायतों के अध्यक्ष, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे.

क्या है इस अभियान में?

अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल गुणवत्ता का व्यापक परीक्षण करना है. साथ ही जल आपूर्ति प्रणाली में लीकेज, दूषित जल की पहचान कर समय पर सुधार करना, जिससे जल-जनित बीमारियों से बचाव हो सके.

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की होगी जांच

वहीं पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने विभागीय राज्यमंत्री राधा सिंह एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं की गहन समीक्षा की. इस बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि सम्पूर्ण प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता जाँच का अभियान चलायें. यह अभियान 15 फ़रवरी तक पूर्ण होना चाहिए. बैठक में मंत्री श्री पटेल ने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से पहुँचे. योजनाओं का प्रभाव धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे.

मंत्री पटेल ने अधिकारियों को प्रतिमाह अनिवार्य रूप से फील्ड विजिट कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने के निर्देश दिए, जिससे जिलों में किए जा रहे अच्छे नवाचारों को प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सके. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी स्तर पर अनियमितता या गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

मंत्री ने जिलों के कार्य निष्पादन के आधार पर मासिक ग्रेडिंग प्रणाली लागू कर ग्रेडिंग सूची जारी करने के निर्देश भी दिए, जिससे अधिकारियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो और कार्य निष्पादन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि 15 फरवरी तक जल स्रोतों की सैंपलिंग कर जांच कराई जाए तथा पुनः अप्रैल माह में अनिवार्य रूप से जल गुणवत्ता की समीक्षा की जाए.

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