मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच एक प्रेम कहानी का बेहद दर्दनाक अंत सामने आया है. मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पिपरसमा गांव से भागे एक प्रेमी जोड़े में से प्रेमिका की गला रेतकर हत्या कर दी गई, जबकि प्रेमी के गले पर भी गंभीर वार हुआ है, जिससे उसकी हालत नाजुक बनी हुई है.
हर किसी को झकझोर देने वाली यह वारदात गुजरात के गांधीनगर से कुछ दूरी पर, उदयपुर हाईवे पर स्थित एक होटल के कमरे में देर रात घटित हुई. हैरान करने वाला आरोप यह है कि इस खूनी वारदात को पुलिस टीम और लड़की के सगे भाई की मौजूदगी में अंजाम दिया गया.
मजदूरों की झोपड़ी से किया था दस्तयाब
जानकारी के मुताबिक, शिवपुरी से भागने के बाद स्थानीय पुलिस इस प्रेमी जोड़े की तलाश कर रही थी. शिवपुरी पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सूचना मिली कि दोनों गुजरात के एक गांव में छिपे हैं. इसके बाद शिवपुरी पुलिस की टीम वहां पहुंची और दोनों को एक झोपड़ी से हिरासत में ले लिया.

shivpuri lover couple murder suicide attempt in gujrat hotel
इसके बाद प्रेमी जोड़े को वापस शिवपुरी लाते समय, रास्ते में रात गुजारने के लिए पुलिस टीम ने एक होटल में डेरा डाला था. हैरानी की बात यह है कि युवती को बरामद करने गई इस पुलिस टीम के साथ कोई भी महिला कांस्टेबल या महिला अधिकारी मौजूद नहीं थी.
होटल के कमरे में फैला खून
पुलिस के अनुसार, शिवपुरी जिले से फरार हुए इस जोड़े को गुजरात से वापस ला रही टीम के सामने यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी. गांधीनगर जिले में हाईवे किनारे स्थित होटल में रुकने के दौरान प्रेमी ने प्रेमिका की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी. इसके बाद उसने उसी चाकू से अपना भी गला काटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया. युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवक गंभीर हालत में आईसीयू (ICU) में भर्ती है.
7 जून को घर से भागे थे, 11 जून को गुजरात में मिले
पुलिस थाने में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट के अनुसार, शिवपुरी के देहात थाना क्षेत्र के पिपरसमा गांव के रहने वाले रजनी धाकड़ (21 वर्ष) और संतोष जाटव (25 वर्ष) के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों 7 जून 2026 की रात को अपने-अपने घर से भाग गए थे.
तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर शिवपुरी पुलिस की टीम युवती के भाई को साथ लेकर गुजरात रवाना हुई थी. 11 जून को पुलिस ने दोनों को राजकोट जिले के सांपर क्षेत्र में मजदूरों की एक झोपड़ी से बरामद कर लिया.
लौटते वक्त रास्ते में हुई वारदात
दोनों को वापस शिवपुरी लाते समय लंबी यात्रा की थकान के कारण पुलिस टीम ने गांधीनगर से आगे उदयपुर हाईवे पर स्थित 'होटल राइन इन पोर्ट' में रात करीब 10 बजे रुकने का फैसला किया. सभी लोग खाना खाकर एक ही कमरे में सो गए. तभी रात करीब 2 बजे के बाद कमरे में कुछ हलचल और चीख-पुकार की आवाज सुनाई दी.
पुलिस के मुताबिक, जब टीम की नींद खुली तो देखा कि प्रेमिका के गले से खून बह रहा था और वह अपने प्रेमी की गोद में तड़प रही थी. वहीं, प्रेमी के गले पर भी चाकू का गहरा घाव था. पुलिसकर्मियों का कहना है कि प्रेमी ने पहले अपनी प्रेमिका का गला काटा और फिर खुद का गला काटकर जान देने की कोशिश की. आरोपी युवक इस समय गुजरात के अहमदाबाद अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है.
पुलिस की लापरवाही पर उठे तीन बड़े सवाल
प्रेमी के पास चाकू कहां से आया? पुलिस का दावा है कि रात को सोने से पहले संतोष की तलाशी ली गई थी और उसके पास कोई धारदार वस्तु नहीं मिली थी. हालांकि, टीम में महिला पुलिसकर्मी न होने के कारण युवती की तलाशी नहीं ली गई थी. अब जांच का सबसे बड़ा बिंदु यही है कि हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू आरोपी तक कैसे पहुंचा?
महिला पुलिसकर्मी क्यों नहीं थी? दूसरा बड़ा सवाल यह है कि जब पुलिस टीम एक लड़की को बरामद करने के लिए शिवपुरी से गुजरात जैसे दूसरे राज्य जा रही थी, तो नियमों के मुताबिक उनके साथ कोई महिला कांस्टेबल क्यों नहीं भेजी गई?
एक ही कमरे में सबको क्यों सुलाया? तीसरा सवाल यह है कि होटल के एक अनजान कमरे में पुलिसकर्मियों के साथ युवती को रात में रुकवाने की अनुमति किसने दी? हालांकि, पुलिस का तर्क है कि लड़की का सगा भाई भी उनके साथ उसी कमरे में मौजूद था.
गुजरात पुलिस कर रही है मामले की जांच
चूंकि यह वारदात गुजरात की सीमा में हुई है, इसलिए गांधीनगर जिले की चिलोड़ा थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है. शिवपुरी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) संजीव मुले ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की पूरी वैधानिक जांच अब गुजरात पुलिस द्वारा की जा रही है.
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