मुख्यमंत्री के बदलते ही सेवाएं हुई समाप्त, धरने पर बैठे जनसेवा मित्रों ने पूर्व CM के वादों को दिलाया याद

Janseva Mitra Strike: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जनसेवा मित्र चौथी बार धरने पर बैठ गए हैं. इनकी मांग है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किए गए वादे सरकार पूरी करे. बता दें कि इससे पहले भी बीते कुछ दिनों में जनसेवा मित्र तीन बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं.

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जनसेवा मित्रों ने अटल बिहार सुशासन व नीति विश्लेषण संस्थान का घेराव किया है.

Janseva Mitra on Strike: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) में जनसेवा मित्रों ने अटल बिहार सुशासन व नीति विश्लेषण संस्थान का घेराव कर दिया है. इसके साथ ही प्रदेश (Madhya Pradesh) भर से आए जनसेवा मित्र अनशन पर बैठ गए हैं. बता दें कि बीते कुछ दिनों में जनसेवा मित्र (Public Service Friends) तीन बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं. जनसेवा मित्रों का आरोप है कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई. जिसके बाद सोमवार को प्रदेश भर के जनसेवा मित्र अटल बिहारी सुशासन संस्थान भोपाल का घेराव कर धरने पर बैठ गए.

पूर्व CM शिवराज ने किया था ये ऐलान

बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार की लाडली बहना योजना को अमल में लाने में इन जनसेवा मित्रों का बड़ा योगदान था. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन मित्रों के लिए यह तक कहा था कि प्रदेश के हर 50 परिवार पर एक जनसेवा मित्र तैनात होगा. जिससे प्रशासन और जनता के बीच एक पुल बनाने वाले जनसेवा मित्र हर आम इंसान तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा सकें. अटल बिहारी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान ने जो सीएम यूथ इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया था, उसी के तहत 9300 जनसेवा मित्रों की नियुक्ति हुई थी. उस वक्त सरकार ने ऐलान किया था इनकी संख्या 3 लाख तक बढ़ाई जाएगी.

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सरकार द्वारा नहीं मिला कोई स्पष्टीकरण

इन जनसेवा मित्रों को पहले 8 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 10 हजार रुपए प्रतिमाह किया गया था. लेकिन, अब धरने पर बैठे उज्जैन जिले के मुख्य जनसेवा मित्र लोकेंद्र तंवर ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने चीफ मिनिस्टर यूथ इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत प्रदेश भर में 9 हजार 300 युवा जनसेवा मित्र को भर्ती किया था. जनसेवा मित्र ने लाड़ली बहना योजना को प्रभावी बनाया तो शिवराज सिंह ने घोषणा की कि आपकी सेवा अगली सरकार में भी रहेगी, आपको स्थाई रोजगार मिलेगा. लेकिन, मुख्यमंत्री बदलने के बाद 31 जनवरी को जनसेवा मित्रों की सेवा समाप्त कर दी गई और अभी तक विभाग द्वारा कोई अधिकारिक सूचना का स्पष्टीकरण नहीं दिया गया.

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बता दें कि इन जनसेवा मित्रों की इंटर्नशिप 31 जनवरी को खत्म हो गई है, लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से इन्हें ये नहीं बताया गया है कि इनकी सेवाएं खत्म हो गई हैं या इन्हें वायदे के मुताबिक काम मिलेगा. इस वजह से जनसेवा मित्र आंदोलनरत हैं.

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