Fake Job Appointment Letter: सीहोर जिले में एक युवक के साथ उसके रूममेट द्वारा नौकरी के नाम पर डेढ़ लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है. आरोपी रूममेट ने पीडब्ल्यूडी विभाग में नौकरी को झांसा देकर पीड़ित से डेढ़ लाख रुपए की उगाही की और बदले में उसे फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया, जो अब इंटरनेट पर वायरल हो रहा है.
कलेक्टर ऑफिस में जनसुनवाई में पीड़ित ने आपबीती सुनाई, तो उसकी कहानी सुन वहां खड़े सभी अधिकारी भी चकरा गए. पीड़ित ने बताया कि आरोपी रूम पार्टनर पर भरोसा कर उसने अपनी जिंदगी की जमा-पूंजी उसको सौंपी थी, लेकिन रूम पार्टनर ने जालसाजी करते हुए उसके पैसे हजम कर लिए.
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कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के लिए पीड़ित ने लुटाए डेढ़ लाख
गौरतलब है लोक निर्माण विभाग (PWD) में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का सपना दिखाकर आरोपी ने पीड़ित युवक से डेढ़ लाख रुपए लिए थे. पीडब्ल्यूडी में नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र थमाने वाला आरोपी उसका रूम पार्टनर रहा था. दोनों ने साथ- साथ न केवल कमरा शेयर किया था, बल्कि साथ-साथ कमरे में बैठकर रोटी भी खाई थी.
रूम पार्टनर के खिलाफ पीड़ित ने दर्ज कराई ठगी की कंप्लेन
मामला ग्राम बमुलिया का है, जहां किराए पर कमरा लेकर पीड़ित विशाल परमार पिता गणेशराम परमार रूम पार्टनर अरविंद वर्मा पिता धर्म सिंह के ठगी के साथ रहता था. चाणक्यपुरी हनुमान मंदिर के पास किराए के कमरे में रहने वाले पीड़ित ने बताया कि पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया कि आरोपीआरोपी खुद को बैंक कर्मचारी बताता था.
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डेढ़ लाख रुपए ले लिए और नौकरी के नाम पर दिखा दिया ठेंगा
रिपोर्ट के मुताबिक डेढ़ लाख रुपए की ठगी को अंजाम देने वावे अरविन्द ने पीड़ित का विश्वास दिलाया कि उसकी पीडब्ल्यूडी में सीधी नौकरी लगवा देगा. आरोपी ने सरकारी नौकरी की लालच देकर पीड़ित से एक लाख पचास हजार रुपए वसूल लिए, लेकिन नौकरी के नाम उसे ठेंगा मिला.
PWD के फर्जी नियुक्त पत्र को देख लुटाया रूम पार्टनर पर पैसा
गत 25 अप्रैल 2025 को जालसाज अरविन्द ने पीड़ित विशाल के मोबाइल नंबर पर लोक निर्माण विभाग में कम्प्यूटर ऑपरेटर का नियुक्ति फर्जी पत्र भेजा. पत्र पर अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश की सील भी लगी थी. नियुक्ति पत्र देखकर विशाल ने अप्रैल माह में शेष रकम कैश में चुका दिए.
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PWD का नियुक्ति पत्र फर्जी निकला, तब पीड़ित के होश उड़ गए
बताया जाता है कि नियुक्ति पत्र लेकर जब पीड़ित पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचा और पदभार ग्रहण करने की बात कही, तब सामने आई नियुक्ति पत्र की सच्चाई ने उसके होश उड़ा दिए. अधिकारियों ने नियुक्ति पत्र को फर्जी बताया तो विशाल के पैरों तले जमीन खिसक गई. पीड़ित जालसाज से जवाब मांगा तो गुमराह करते हुए कई दफ्तरों के चक्कर लगवाए.
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