Sehore Rape Case: मध्य प्रदेश के सीहोर में 10 साल की एक मासूम के साथ हैवानियत की बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां भेरुन्दा के ग्राम डिमावर में ईंट भट्टे पर काम करने वाले मजदूर परिवार की 10 साल की मासूम बेटी के साथ अपहरण और रेप की वारदात हुई है. इसके बाद उसे मृत समझकर खेत में फेंककर आरोपी भाग गए. इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है.
क्षेत्र के नर्मदा तट डिमावर रेत घाट पर एक 10 वर्षीय एक मासूम बालिका अस्त-व्यस्त और बदहवास हालत में मिली है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गवाएं तत्काल बालिका को अपनी सुरक्षा में लेकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया है. आरोपियों का सुराग नहीं लगा है, आरोपियों ने पीड़िता बालिका का अपहरण कर उसे खेत पर ले गए और इसके साथ बलात्कार किया और उसे बेहोश अवस्था में छोड़ गए.
बताया जा रहा है कि बालिका लकड़ी लेने के लिए अपने घर से रेत स्टाक के पास गई थी, तभी बालिका का अपहरण किया गया. इस दौरान बालिका चिल्लाने लगी तो बालिका का मुंह रुमाल से बंद कर दिया. उसके कपड़े कैंची से काटे और उसके साथ दरिंदगी की गई. आरोपियों को जब लगा कि बच्ची की मौत हो गई है तो उसे खेत में फेंककर भाग गए.
मामले की गंभीरता को देखते हुए भेरुन्दा एसडीओपी रोशन जैन पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे और बारीकी से निरीक्षण कर रहे थे. इस मामले में पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है.घटना गुरुवार सुबह की बताई जा रही हैं. एसडीओपी रोशन जैन के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
घटनास्थल पर पुलिस का पहरा, जांच जारी
एसडीओपी के मुताबिक घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस इस मामले में तत्काल सक्रिय हुई पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाकर घटनास्थल का मुआयना किया है. हालांकि घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने फिलहाल मामले का विस्तृत खुलासा नहीं किया है. लेकिन टीम लगातार संदिग्धों की तलाश में जुटी है. एसडीओपी रोशन जैन के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें जांच को आगे बढ़ा रही हैं.
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
डिमावर गांव में हुई हृदयविदारक घटना के बाद नर्मदा तट के ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों का कहना है कि रेत घाटों पर लगातार असामाजिक तत्वों का जमावाड़ा बढ़ रहा है. जिसके कारण आए दिन छेड़छाड़ और अपराध की घटनाएं हो रही हैं. महज तीन से चार दिन पहले ही ग्रामीणों ने रेत के अवैध उत्खनन और वहां पनप रही अराजकता को बंद करने के लिए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था. रेत घाटों पर बढ़ती अपराधिक गतिविधियों ने स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध उत्खनन और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की जाती तो आज मासूम के साथ यह दरिंदगी नहीं होती.
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