मध्य प्रदेश के सागर जिले की देवरी तहसील में 2 मार्च को होने वाले होलिका दहन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. शहर के करीब 50 स्थानों पर छोटी-बड़ी होलिकाएं सजाई जा रही हैं. इनमें शिक्षा सदन चौराहे पर होने वाला होलिका दहन नगर का सबसे बड़ा और आकर्षण का केंद्र माना जाता है.
शिक्षा सदन चौराहे पर महाकाली गणेश युवा समिति द्वारा पिछले 18 वर्षों से भव्य रूप में होलिका दहन का आयोजन किया जा रहा है. समिति हर वर्ष विशेष थीम और आकर्षक साज-सज्जा के साथ होलिका उत्सव मनाती है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं.
सामाजिक परिवेश को दर्शाने का प्रयास
इस वर्ष समिति ने परंपरा में आधुनिकता का तड़का लगाते हुए भक्त प्रह्लाद की बुआ होलिका का मॉडर्न रूप तैयार कराया है. प्रतिमा में होलिका को मोबाइल पर बात करते हुए और छाता लगाए दर्शाया गया है. साथ ही भक्त प्रह्लाद की प्रतिमा भी स्थापित की गई है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. समिति के सदस्य राहुल नामदेव ने बताया कि समिति हर साल कुछ अलग और संदेश देने वाली थीम पर होलिका दहन करती है. इस बार मॉडर्न बुआ की प्रतिमा के माध्यम से वर्तमान सामाजिक परिवेश को दर्शाने का प्रयास किया गया है.
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2008 से परंपरा जारी
नगर की परंपरा के अनुसार शिक्षा सदन चौराहे पर विधि-विधान से पूजन-अर्चना के बाद रात्रि में होलिका दहन किया जाता है. बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा में शामिल होती हैं और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. शिक्षा सदन चौराहे पर भव्य होलिका दहन की शुरुआत वर्ष 2008 में की गई थी, जो अब तक जारी है.