कैसे स्कूल चलें हम? तालाब बना मैदान, टपकती छतें और टूटा गेट... पानी भरे कमरे में पढ़ाने को मजबूर हैं शिक्षक

Sagar Government School: सागर शहर के बीचोंबीच स्थित शासकीय पद्माकर हायर सेकंडरी स्कूल बारिश के मौसम में जलमग्न हो चुका है. शिक्षक यहां पानी भरे कमरे में बैठकर पढ़ाने को मजबूर हैं. वहीं ग्राउंड में पानी भरे होने के कारण बच्चों का आना-जाना भी मुश्किल हो गया है और कई बार छात्र फिसलकर चोटिल हो चुके हैं.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

Sagar Government School Bad Condition: सागर शहर के बीचोंबीच स्थित शासकीय पद्माकर हायर सेकंडरी स्कूल (Gov Padmakar Higher Secondary School) इन दिनों बदहाली का जीता-जागता उदाहरण बन गया है. बारिश ने स्कूल की स्थिति और भी बदतर कर दी है. स्कूल का प्ले ग्राउंड अब खेल का मैदान नहीं, बल्कि तालाब में तब्दील हो चुका है. वहीं जर्जर भवनों की छतों से लगातार पानी टपक रहा है, जिससे कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं.

पानी भरे कमरे में बैठकर पढ़ाने को मजबूर हैं शिक्षक

स्कूल का स्टाफ रूम भी जलमग्न हो चुका है. शिक्षक मजबूरी में पानी भरे कमरे में बैठकर पढ़ाने को मजबूर हैं. स्टाफ का कहना है कि पानी में कीड़े-मकोड़ों का खतरा बना रहता है, जिससे संक्रमण फैलने का डर है. इन बदहाल हालातों के चलते बच्चों की उपस्थिति में भी लगातार गिरावट देखी जा रही है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्कूल का मुख्य गेट भी टूटा हुआ है.

Advertisement

असामाजिक तत्वों से छात्रा-महिला स्टाफ असुरक्षित

महिला शिक्षकों ने बताया कि इस वजह से असामाजिक तत्वों का स्कूल परिसर में आना-जाना लगा रहता है. इससे छात्राओं और महिला स्टाफ को असुरक्षा महसूस होती है.

स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है कि उन्होंने नगर निगम को कई बार स्कूल की मरम्मत और सुविधाओं के लिए बजट की मांग की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई. वहीं ग्राउंड में भरे पानी के कारण बच्चों का आना-जाना भी मुश्किल हो गया है. कई बार छात्र फिसलकर चोटिल हो चुके हैं.

बता दें कि यह स्कूल सागर नगर निगम के अधीन आता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की अनदेखी के चलते शिक्षा व्यवस्था ही गर्त में जा रही है.

ये भी पढ़े: ये है छत्तीसगढ़ का सबसे महंगा चावल ! खुशबू और स्वाद भी लाजवाब, विदेशों में खूब डिमांड, जानें इसकी खासियत

Advertisement

ये भी पढ़े: Paras Stone: लोहे को गोल्ड बना देने वाला 'पारस पत्थर' MP के इस किले में है मौजूद! लालच में 14 बार विदेशी शासकों ने किया आक्रमण

Topics mentioned in this article