Indore Death Toll  इंदौर में नहीं रुक रहा जहरीले पानी का कहर, कांग्रेस वार्ड अध्यक्ष की मौत से फिर गरमाया मुद्दा

Indore Water Contamination News: भागीरथपुरा निवासी रिटायर्ड शिक्षक और कांग्रेस के वार्ड अध्यक्ष राजाराम बौरासी ने रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. परिजनों के मुताबिक शुक्रवार को उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी. पहले स्थानीय डॉक्टर को दिखाया गया, लेकिन तबीयत में सुधार न होने पर शनिवार सुबह उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई.

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New Death in Indore Water Contamination Case: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से जुड़ा संकट लगातार गहराता जा रहा है. दरअसल, यहां बीते कई हफ्तों से उल्टी-दस्त और दूषित पानी से होने वाली बीमारियों का प्रकोप जारी है, जिसकी वजह से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ता जा रहा है. स्थानीय लोगों का दावा है कि हालात अब भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है.

भागीरथपुरा निवासी रिटायर्ड शिक्षक और कांग्रेस के वार्ड अध्यक्ष राजाराम बौरासी ने रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. परिजनों के मुताबिक शुक्रवार को उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी. पहले स्थानीय डॉक्टर को दिखाया गया, लेकिन तबीयत में सुधार न होने पर शनिवार सुबह उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई.

स्वास्थ्य विभाग का अलग दावा

वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि राजाराम बौरासी की एंजियोग्राफी रिपोर्ट में हृदय रोग के संकेत मिले हैं. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मौत का सीधा कारण दूषित पानी नहीं माना जा रहा. प्रशासन का यह भी दावा है कि इससे पहले हुई कुछ मौतों के कारण भी जल जनित बीमारी से सीधे तौर पर जुड़े नहीं पाए गए.

आंकड़ों पर विवाद

भागीरथपुरा में इससे पहले बद्री प्रसाद और विद्या बाई की मौत भी हो चुकी है. प्रशासन ने इन मामलों में भी दूषित पानी को कारण मानने से इनकार किया है. इसके बावजूद स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक कुल 28 मौतें हो चुकी है, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं, जिनकी मौत का कारण प्रशासन किसी अन्य बीमारी को बता रहा है.

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ई-कोलाई और सीवर रिसाव का खुलासा

अधिकारियों की जांच में सामने आया है कि भागीरथपुरा के 51 नलकूपों में दूषित पानी पाया गया. जल परीक्षण रिपोर्ट में ई-कोलाई बैक्टीरिया की मौजूदगी की पुष्टि हुई है. माना जा रहा है कि नगर निगम की पेयजल पाइपलाइन में रिसाव के कारण सीवर का पानी भी सप्लाई लाइन में मिल गया था, जिससे बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो गए थे. स्थानी लोगों को कहना है कि जहरीले पानी से अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, सरकारी आंकड़े कुछ और ही बता रहे हैं. सरकारी आंकड़ें की मानें, तो अब तक 15 लोगों की ही मौत हुई है. 

"दूषित पानी ने छीनी ज़िंदगी"

इससे पहले  50 वर्षीय ई-रिक्शा चालक हेमंत गायकवाड़ की मौत भी बुधवार को हुई मौत के बाद इलाके में शोक का माहौल है. मृतक के छोटे भाई संजय गायकवाड़ ने दावा किया कि उनके भाई की मौत दूषित पानी के कारण हुई. उन्होंने बताया कि हेमंत परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और इलाज के दौरान निजी अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली.

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डेथ ऑडिट रिपोर्ट में मिले चौंकाने वाले संकेत

मृतकों के आंकड़ों को लेकर चल रहे विरोधाभासी दावों के बीच महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की समिति द्वारा की गई डेथ ऑडिट रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि भागीरथपुरा में कम से कम 15 मौतें किसी न किसी रूप में इस जल जनित प्रकोप से जुड़ी हो सकती हैं.

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दिसंबर के अंत से शुरू हुए इस संकट ने भागीरथपुरा को गहरे डर और असमंजस में डाल दिया है. एक ओर परिजन दूषित पानी को मौतों का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, वहीं, प्रशासन अलग-अलग कारण गिना रहा है. सवाल अब भी कायम है कि आखिर ज़िम्मेदारी किसकी है और कब  लोगों को सुरक्षित पानी मिलेगा.

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