विज्ञापन
This Article is From Jul 02, 2025

इंदौर में चौथी क्लास की बच्चियों से टीचर करते थे गंदी बात, PMO ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

Teacher Molest Minor Girl Student: इंदौर शहर के एक शासकीय स्कूल में बच्चियों के शोषण का मामला सामने आया है. यह मामला 2019 का है. शिकायत करने के बावजूद आरोपी शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

इंदौर में चौथी क्लास की बच्चियों से टीचर करते थे गंदी बात, PMO ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

Girl Students Molestation: इंदौर के एक सरकारी स्कूल में बच्चियों के शोषण का मामला सामने आया है. इसकी जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच गई है. पीएमओ ने छात्राओं की शिकायत पर संज्ञान लिया है और राज्य सरकार से कार्रवाई करने के लिए कहा है. यह मामला 2019 का है. हालांकि अपर कलेक्टर को उस दौरान शिकायतें भी मिली थीं और जांच करने के बाद एसडीएम ने रिपोर्ट भी सौंपी. इसमें छात्राओं के आरोपों की पुष्टि भी हुई, लेकिन आरोपी शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. इतने वर्षों तक आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें सिर्फ न्याय की उम्मीद प्रधानमंत्री से जगी.

मामले में तत्कालीन एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट बताया था कि स्कूल के दो शिक्षक बच्चियों से गंदी बातें करते थे. इसके अलावा उन्हें बर्बरतापूर्वक मारते और अशोभनीय व्यवहार करते थे. जांच रिपोर्ट में इन्हें तुरंत बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई. आरोप है कि परिजनों ने स्थानीय थाने और महिला थाने में भी शिकायत की. इसके अलावा एसपी तक भी छात्राओं की शिकायत पहुंचाई गई, लेकिन पॉक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज नहीं हुई.

हाईकोर्ट में जाएंगे

हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने बताया कि आरटीआई (RTI) से खुलासा हुआ है, जिससे पता चला है कि आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. एसडीएम नीता राठौर ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया था कि छात्राओं और महिला शिक्षकों के अनुसार, दोनों पुरुष टीचर्स मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रहे हैं. ये छात्राओं से अश्लील बातें करते और बुरी तरह से मारते थे. उन्होंने आगे कहा कि अगर शिक्षकों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई या पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज नहीं होती है तो हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे.

6 मई 2019 को दी थी शिकायत

आरटीआई एक्टिविस्ट और समाज सेवक जितेंद्र सिंह ने पीड़ित परिजनों और अपने वकील के माध्यम से 6 मई 2019 को खुड़ैल थाने, इंदौर के महिला थाने और पुलिस अधीक्षक को सबूतों के साथ लिखित शिकायत दी थी. इसमें आरोप लगाया था कि सरकारी स्कूल में दो शिक्षक नाबालिग छात्राओं से अश्लील बातें करते, पीटने और बाल खींचते थे. इस मामले में छात्राओं के परिजनों ने अपर कलेक्टर से शिकायत की. उन्होंने खुडैल की एसडीएम नीता राठौर को जांच अधिकारी नियुक्त किया और जल्द रिपोर्ट देने का आदेश दिया.

12 से ज्यादा छात्रों ने की शिकायत

इसके बाद एसडीएम अपनी टीम के साथ स्कूल पहुंचीं, जहां 12 से ज्यादा छात्राओं ने शिकायत की. जांच पूरी होने के बाद एसडीएम ने 10 अक्टूबर 2019 को रिपोर्ट सौंप दी. इसमें छात्राओं के आरोप सही निकले और रिपोर्ट में शिक्षकों को बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई थी.

उधर जितेंद्र सिंह ने बच्चियों से शोषण मामले में एक वर्ष बीतने के बाद भी कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई. उन्होंने 10 जुलाई 2020 को फिर से महिला थाने और खुड़ैल थाने में शिकायत की थी, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई. फिर उन्होंने 24 जुलाई 2020 को इंदौर के एसपी को भी मामले की बारे में फिर से अवगत कराया.

ये भी पढ़ें- Acid Attack: बचपन की सहेली के घर गई...तेजाब फेंका, पुलिस ने पकड़ा तो पूछा-'जिंदा है या मर गई?'

जब नहीं मिला न्याया तो पीएमओ से थी शिकायत

आरटीआई एक्टिविस्ट और परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. साथ ही कहा कि पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की. इतने वर्षों तक कोई कार्रवाई न होने और पुलिस प्रशासन की ओर से न्याय की उम्मीद न दिखी तो पीड़ित बच्चियों ने 28 फरवरी 2025 को प्रधानमंत्री कार्यालय को डिमांड ऑफ जस्टिस की याचिका से मामले की जानकारी दी.

जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने याचिका पर संज्ञान लिया और मध्य प्रदेश सरकार के डायरेक्टर सीएम हेल्प लाइन संदीप अस्थाना को मामला में कार्रवाई का निर्देश दिया.

ये भी पढ़ें- MP में फिर चली तबादला एक्सप्रेस, जानिए किस अफसर को कहां मिली जिम्मेदारी

पूरी स्टोरी पढ़ें

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com