नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा: CBI जांच में अनफिट, नए नियम से हो जाएंगे फिट! देखिए MP के सभी संस्थानों का हाल

कार्यकर्ता विशाल बघेल ने एनडीटीवी को बताया कि वह इन नियमों को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती देने की योजना बना रहे हैं. याचिकाकर्ता विशाल बघेल का इस मामले में मानना है कि बीते 2 सालों की कड़ी मशक्कत और सीबीआई जांच के बाद जो कॉलेज अनफिट पाए गए थे, वे सरकार के नए नियमों के बाद अगले सत्र में नए सिरे से फिर मान्यता पाने में अब सफल हो जाएंगे.

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Nursing College in Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े (Nursing College Fraud) का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है. इस फर्जीवाड़े को लेकर NDTV ने भी समय-समय पर कई चौंकाने वाले खुलासे किए है. वहीं अब नर्सिंग कॉलेज मान्यता फर्जीवाड़े में हाइकोर्ट (High Court) ने उन सभी 308 नर्सिंग कॉलेज की सूची भी जारी कर दी जिसकी सीबीआई जांच (CBI Investigation) की है. NDTV ने पहले ही अपनी रिपोर्ट में यह दिखाया और बताया था कि किस तरह से मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों का फर्जीवाड़ा चल रही है, अब सीबीआई रिपोर्ट (CBI Report) से यह भी साबित हो गया है कि मध्य प्रदेश में 308 नर्सिंग कॉलेज में से सिर्फ 169 नर्सिंग कॉलेज ही मानकों के अनुसार चल रहे थे. कोर्ट ने सीबीआई जांच की जो लिस्ट जारी की है उनमें 308 कॉलेजों को तीन अलग क्षेणी में बताया गया है कि इतने कॉलेज उपयुक्त है, इतने अपूर्ण हैं और इनते अनुपयुक्त हैं. इस बीच सरकार ने नियमों में संशोधन कर दिया है जिससे कई अनफिट नर्सिंग कॉलेज फिट हो जाएंगे.

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पहले देखिए सरकार ने कैसे बदले हैं नियम

अनफिट को ऐसे बना रहे हैं फिट 

CBI रिपोर्ट आने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने नर्सिंग शिक्षण संस्था मान्यता के नियमों में संशोधन करते हुए 2024 के नए नियम बना दिए हैं. इसके मुताबिक अब पहले जिस नर्सिंग कॉलेज को खोलने के लिए पहले 23000 वर्गफीट की बिल्डिंग की जरूरत होती थी, अब इस नर्सिंग कॉलेज को खोलने के लिए सिर्फ 8000 वर्ग फीट बिल्डिंग की जरूरत होगी. सरकार ने ये नियम नर्सिंग कोर्सेस को रेगुलेट करने वाली अपेक्स संस्था इंडियन नर्सिंग काउंसिल के प्रावधानों के भी विपरीत बनाये है. 

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सरकार का ये फैसला राज्य के नर्सिंग कॉलेजों की स्थिति को लेकर NDTV की हालिया रिपोर्टों के करीब 5 महीने बाद आया है. दरअसल भारतीय नर्सिंग काउंसिल (Indian Nursing Council) के लिए निश्चित संख्या में फैकल्टी मेंबर्स, एक कैंटीन, एक लाइब्रेरी और कम से कम 100 बेड का एक अस्पताल होना चाहिए. इसके लिए कम से कम 23,720 वर्ग फुट जगह अनिवार्य है. लेकिन मध्य प्रदेश में सरकार ने नर्सिंग कॉलेजों के नियमों में बदलाव कर नई बहस को जन्म दे दिया है.

NDTV ने दिखाया था कैसे 3 कमरे में चल रहा था नर्सिंग कॉलेज 

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जब मध्य प्रदेश में 600 से ज्यादा नर्सिंग कॉलेजों की जांच कर रहा था. तब NDTV ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐसे कॉलेज का दौरा किया था. तब हमने अपनी पड़ताल में पाया था कि महज 3 कमरों में ये नर्सिंग कॉलेज चल रहा था. जबकि कागजों में यहां 100 बेड दिखाए गए थे.

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अब देखिए सभी उन 10 सरकारी कॉलेजों के नाम

1. गवर्नमेंट स्कूल ऑफ नर्सिंग, हमीदिया ( दोषयुक्त)

2. गवर्नमेंट नर्सिंग कॉलेज, अनूपपुर (अति दोषयुक्त )

3. भोपाल नर्सिंग कॉलेज बीएमएचआरसी (दोषयुक्त)

4. गवर्नमेंट नर्सिंग कॉलेज, जेएएच अस्पताल, ग्वालियर (दोषयुक्त)

5. गवर्नमेंट जीएनएम नर्सिंग स्कूल, सतना कमी (दोषयुक्त)

6. गवर्नमेंट नर्सिंग कॉलेज, एनएससीबी, मेडिकल कॉलेज, जबलपुर (दोषयुक्त)

7. गवर्नमेंट स्कूल ऑफ नर्सिंग, बीएमसी, सागर  (दोषयुक्त)

8. गवर्नमेंट स्कूल ऑफ नर्सिंग, अस्पताल दतिया (दोषयुक्त)

9. गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मंदसौर (दोषयुक्त)

10. गवर्नमेंट नर्सिंग कॉलेज, रीवा (अनुपयुक्त )

MP हाई कोर्ट में नए नियमों को दी जाएगी चुनौती

कार्यकर्ता विशाल बघेल ने एनडीटीवी को बताया कि वह इन नियमों को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती देने की योजना बना रहे हैं. याचिकाकर्ता विशाल बघेल का इस मामले में मानना है कि बीते 2 सालों की कड़ी मशक्कत और सीबीआई जांच के बाद जो कॉलेज अनफिट पाए गए थे, वे सरकार के नए नियमों के बाद अगले सत्र में नए सिरे से फिर मान्यता पाने में अब सफल हो जाएंगे. याचिकाकर्ता ने इन नियमों को भी हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है.

यहां देखिए पूरी लिस्ट

Nursing College in Madhya Pradesh