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This Article is From Mar 16, 2026

एमपी में “नो रोड-नो टोल” आंदोलन! प्रदर्शनकारियों ने टोल बूथ में की तोड़फोड़; सीसीटीवी कैमरे भी तोड़े 

एमपी के ग्वालियर-भिंड-इटावा एनएच-719 पर बरेठा टोल प्लाजा में “नो रोड-नो टोल” आंदोलन उग्र हो गया. खराब सड़क और हादसों के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने टोल बूथ पर तोड़फोड़ की और कई सीसीटीवी कैमरे तोड़े. फास्टैग से ऑनलाइन टोल कटने की जानकारी पर लोगों का गुस्सा भड़क गया.

एमपी में “नो रोड-नो टोल” आंदोलन! प्रदर्शनकारियों ने टोल बूथ में की तोड़फोड़; सीसीटीवी कैमरे भी तोड़े 

No Road No Toll Protest: ग्वालियर-भिंड-इटावा एनएच-719 पर बरेठा टोल प्लाजा पर चल रहा “नो रोड-नो टोल” आंदोलन सोमवार को अचानक उग्र हो गया. खराब सड़क और बढ़ते हादसों से नाराज़ लोगों ने टोल प्लाजा में तोड़फोड़ कर दी और वहां लगे कई सीसीटीवी कैमरे भी क्षतिग्रस्त कर दिए. ऑनलाइन टोल कटने की जानकारी मिलने पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा और माहौल तनावपूर्ण हो गया.

टोल प्लाजा पर उग्र हुआ आंदोलन

सोमवार को बरेठा टोल प्लाजा पर “नो रोड-नो टोल” आंदोलन के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई. प्रदर्शनकारियों को पता चला कि टोल फ्री आंदोलन के बावजूद वाहनों के फ़ास्टैग से ऑनलाइन टोल राशि काटी जा रही है. यह जानकारी मिलते ही लोग भड़क उठे और उन्होंने टोल बूथ पर हंगामा कर दिया. गुस्से में कुछ लोगों ने बूथ सहित कई सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए.

क्यों उभरा “नो रोड-नो टोल” आंदोलन?

एनएच-719 की खराब हालत और लगातार होने वाले सड़क हादसों को लेकर संत समाज के नेतृत्व में यह आंदोलन चल रहा है. लोगों का कहना है कि सड़क जर्जर है, चौड़ीकरण नहीं हुआ और इन वजहों से अब तक लगभग 200 लोगों की मौत हो चुकी है. आंदोलनकारियों की साफ मांग है कि जब तक सड़क सुधरती नहीं, तब तक टोल वसूली बंद की जाए.

ऑनलाइन टोल कटने से भड़के प्रदर्शनकारी

आंदोलनकारियों के अनुसार टोल बंद होने के बावजूद टोल प्रबंधन स्कैनर के जरिए फास्टैग से चुपचाप पैसे काट रहा था. इस पर लोगों ने गंभीर आपत्ति जताई और कहा कि यह टोल प्रबंधन की ‘छिपी हुई टोल वसूली' है. इसी आरोप को लेकर विरोध तेज हुआ और भीड़ ने टोल परिसर में तोड़फोड़ कर दी.

पुलिस ने संभाला मोर्चा

तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी बल तैनात किया गया. अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को शांत करने की कोशिश की. इसी दौरान पायलेट बाबा ने भी मौके पर धुनि रमाई और आंदोलन को समर्थन दिया.

संत समाज के नेतृत्व में आंदोलन जारी

इस आंदोलन का नेतृत्व संत समाज के जिला अध्यक्ष संत कालीदास महाराज कर रहे हैं. आंदोलन को पूर्व सैनिकों, समाजसेवियों और कई राजनीतिक दलों का समर्थन मिल रहा है. कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, पूर्व उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे और बसपा के पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह भी टोल प्लाजा पहुंचे और आंदोलनकारियों के साथ खड़े दिखाई दिए.

विधानसभा अध्यक्ष ने बातचीत से हल खोजने की कोशिश की

मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी बरेठा टोल प्लाजा पहुंचे और संत समाज से मुलाकात कर आंदोलन समाप्त करने का प्रयास किया. उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़क की समस्याओं को सरकार के सामने रखा जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक एनएच-719 का चौड़ीकरण नहीं होता और सड़क की स्थिति सुधरती नहीं, तब तक टोल वसूली उचित नहीं है. फिलहाल आंदोलन जारी है और पुलिस-प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.

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