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MP के कोच ने लिखी ‘चक दे इंडिया’ जैसी कहानी: पत्नी के गहने तक गिरवी रखे, कौन हैं कांस्टेबल परम अश्वर?

मध्यप्रदेश के पुलिस कांस्टेबल परम अश्वर ने महिला फुटबॉल टीम को खड़ा करने के लिए 10 लाख का लोन लिया और पत्नी के गहने तक गिरवी रख दिए. उनकी मेहनत रंग लाई और टीम ने इंडियन वीमेन लीग 2026 में तीसरा स्थान हासिल कर लिया.

MP के कोच ने लिखी ‘चक दे इंडिया’ जैसी कहानी: पत्नी के गहने तक गिरवी रखे, कौन हैं कांस्टेबल परम अश्वर?

हरप्रीत कौर रीन: फिल्म ‘चक दे इंडिया' में आपने एक हॉकी कोच को अपनी टीम के लिए सबकुछ झोंकते देखा होगा. लेकिन मध्यप्रदेश में ऐसी ही कहानी हकीकत में लिखी है पुलिस कांस्टेबल परम अश्वर ने. इस फुटबॉल कोच ने सीमित संसाधनों के बावजूद महिला फुटबॉल टीम को न सिर्फ तैयार किया, बल्कि उसे देश के सबसे बड़े मंच तक पहुंचा दिया.

कांस्टेबल परम अश्वर ने नौकरी के बाद नहीं छोड़ा खेल

परम अश्वर मूल रूप से सिंगरौली के रहने वाले हैं और खुद भी एक फुटबॉल खिलाड़ी रहे हैं. उन्होंने Netaji Subhas National Institute of Sports (NIS पटियाला) से फुटबॉल कोचिंग की ट्रेनिंग ली है. इसके बाद उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस में भोपाल में कांस्टेबल के पद पर नौकरी जॉइन की. नौकरी के साथ-साथ उन्होंने खेल को कभी नहीं छोड़ा. उनकी लगन को देखते हुए उन्हें Asian Football Confederation का ‘C' ग्रेड कोचिंग लाइसेंस भी मिला. 

mp Police constable param ashwar chak de india story women football team iwl

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महिला टीम को बनाया चैंपियन

परम अश्वर को मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से रायसेन में महिला फुटबॉल टीम का कोच बनाया गया. उन्होंने भोपाल और रायसेन में खिलाड़ियों को लगातार ट्रेनिंग दी, जिसका नतीजा यह हुआ कि टीम ने कई स्थानीय टूर्नामेंट जीते. इसके बाद टीम ने मध्यप्रदेश फुटबॉल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और पहला स्थान हासिल किया.

जब पैसों की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा

टीम की असली परीक्षा तब शुरू हुई, जब उन्हें Indian Women's League के लिए तैयार किया जा रहा था. टीम की ज्यादातर खिलाड़ी गरीब परिवारों से थीं. उनके पास किट, ट्रेनिंग और यात्रा तक के लिए पैसे नहीं थे. परम अश्वर ने मदद के लिए कई दरवाजे खटखटाए, लेकिन कहीं से सहयोग नहीं मिला.  

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10 लाख का लोन और पत्नी के गहने गिरवी

आर्थिक तंगी से जूझने पर हार मानने के बजाय परम अश्वर ने खुद जिम्मेदारी उठाई. 10 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया और पत्नी के गहने तक गिरवी रख दिए. इन पैसों से टीम के लिए किट, ट्रेनिंग और अन्य जरूरी सुविधाएं जुटाईं.

मेहनत रंग लाई, देश में तीसरा स्थान

18 मार्च से 30 मार्च 2026 तक बेंगलुरु में आयोजित इंडियन वीमेन लीग में मध्यप्रदेश की महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन किया. टीम ने कई मजबूत टीमों को हराकर देश में तीसरा स्थान हासिल किया. खास बात यह रही कि इन टीमों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी शामिल थीं.

“मदद नहीं मिली, लेकिन अफसोस नहीं”

परम अश्वर अपनी टीम की सफलता से बेहद खुश हैं. उन्हें इस बात का बिल्कुल अफसोस नहीं है कि किसी ने मदद नहीं की. उनका कहना है कि पत्नी के गहने और लोन से मिला पैसा अगर टीम के सपनों को पूरा कर सका, तो इससे बड़ी खुशी कुछ नहीं हो सकती. 

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