भोपाल के यासीन मछली को HC से एक और झटका, फर्जी विधानसभा पार्किंग पास मामले में निरस्त की जमानत अर्जी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विधानसभा का फर्जी पत्रकार पार्किंग पास उपयोग करने के आरोप में यासीन अहमद उर्फ मछली की जमानत अर्जी खारिज कर दी. कोर्ट ने कहा कि यह मामला विधानसभा की सुरक्षा से जुड़ा है और आरोपित का आपराधिक रिकॉर्ड भी जमानत न देने का आधार है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने मध्य प्रदेश विधानसभा का फर्जी पत्रकार पार्किंग पास निजी वाहन में उपयोग करने के आरोपित भोपाल निवासी यासीन अहमद उर्फ मछली को किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने आरोपित की जमानत अर्जी निरस्त करते हुए कहा कि मामला सीधे तौर पर विधानसभा की सुरक्षा से जुड़ा है, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता. कोर्ट ने आरोपित के आपराधिक रिकार्ड को भी जमानत न दिए जाने का एक महत्वपूर्ण आधार माना.

मामला भोपाल के अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध से संबंधित है. शासकीय अधिवक्ता सीएम तिवारी के अनुसार 25 जुलाई, 2025 को एक न्यूज पोर्टल के संपादक गौरव शर्मा की शिकायत पर जांच शुरू हुई थी. शिकायत में बताया गया कि दिसंबर, 2024 के विधानसभा सत्र के लिए गौरव शर्मा के नाम से जारी पत्रकार पार्किंग पास क्रमांक-433 को यासीन अहमद उर्फ मछली ने कथित तौर पर छेड़छाड़ कर या फर्जी तरीके से अपनी निजी गाड़ी में लगाकर इस्तेमाल किया, जबकि पास किसी अन्य वाहन के लिए जारी हुआ था.

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की दलीलों के बावजूद सरकारी वकील ने आरोपित को लिस्टेड अपराधी बताते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया. हाईकोर्ट ने केस डायरी के अवलोकन के बाद माना कि पत्रकार के नाम पर जारी पास का निजी वाहन पर उपयोग कर विधानसभा परिसर जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्र के आसपास पहुंचना सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। इसी आधार पर कोर्ट ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी.

ये भी पढ़ें- Schools Closed: शीतलहर का कहर, 10 जनवरी तक स्कूल बंद; एमपी के 3 जिलों में कक्षा 8वीं तक की छुट्टियां

Advertisement