Jabalpur Water Crisis: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय स्थिति असहज हो गई जब सत्ता पक्ष के ही एक वरिष्ठ विधायक ने अपनी सरकार के ही मंत्री को सदन में घेर लिया. जबलपुर के पाटन से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने शहर में जारी जल संकट को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर तीखा हमला बोला. विश्नोई ने आरोप लगाया कि जबलपुर में मां नर्मदा के होने के बावजूद जनता प्यासी है और अधिकारी फाइलों में झूठी योजनाएं दिखाकर सरकार को गुमराह कर रहे हैं.
कागजों पर पूरी हुई योजनाएं, प्यासा है जबलपुर
विधायक अजय विश्नोई ने ध्यानाकर्षण के जरिए मुद्दा उठाते हुए कहा कि जबलपुर में जल प्रदाय की योजनाओं को लेकर अधिकारियों ने भारी लापरवाही की है. उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के दबाव में अधिकारियों ने फाइलों पर तो योजनाओं को पूरा दिखा दिया, लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही है. विश्नोई ने कहा कि कई इलाकों में कर्मचारी तक तैनात नहीं हैं और जनता के बीच सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह सिर्फ विकास का दावा नहीं है, बल्कि लूट का एक नया रास्ता खोल दिया गया है.
मंत्री की सफाई: 'अपनी जानकारी दुरुस्त कीजिए'
विधायक के तीखे तेवरों पर पलटवार करते हुए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधायक जी को अपनी जानकारी दुरुस्त करने की जरूरत है. मंत्री ने सदन में दावा किया कि सरकार द्वारा योजनाएं जारी हैं और शहर में पर्याप्त पानी सप्लाई किया जा रहा है. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि शहर में डबल सिस्टम से पानी लिया जा रहा है और मांग से 28 फीसदी ज्यादा पानी दिया जा रहा है. विजयवर्गीय ने निकायों द्वारा बिजली बिल न भरने और जनप्रतिनिधियों द्वारा इसमें अड़ंगा डालने की बात भी कही.
सदन में हुई तीखी बहस: 'मंत्री जी को जानकारी कम है'
जब मंत्री ने योजनाओं का बचाव किया तो अजय विश्नोई और भी आक्रामक हो गए. उन्होंने दो टूक कहा कि 'मंत्री जी को जानकारी कम है'. विश्नोई ने तर्क दिया कि पुरानी योजनाओं और प्लानिंग पर कोई काम नहीं हुआ है और अधिकारी केवल नई योजनाओं की बातें करके गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पानी पर्याप्त है तो जनता परेशान क्यों है? बहस तब और बढ़ गई जब मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को नलकूप बंद कराने चाहिए, जिस पर विश्नोई ने जवाब दिया कि नलकूप बंद करना सरकार की जिम्मेदारी है, विधायक की नहीं.
समाधान का आश्वासन और सहयोग की अपील
हालांकि काफी देर तक चली इस तीखी नोकझोंक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने लहजा नरम करते हुए कहा कि वह विधायक की चिंताओं को समझते हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि जबलपुर की जल समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी जरूरी है. इन सबके बीच सदन में हुई इस बहस ने यह साफ कर दिया है कि जबलपुर में पानी का मुद्दा कितना गंभीर है और इसे लेकर बीजेपी के भीतर ही सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है.
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