गैस एजेंसी संचालक पर ₹22 लाख से ज्यादा का जुर्माना, सिलेंडर सप्लाई ना करने पर कलेक्टर का एक्शन

आगर मालवा जिले में गैस उपभोक्ताओं के साथ अनियमितता के मामले में कलेक्टर न्यायालय ने बड़ी कार्रवाई की है. सिलेंडर की सप्लाई किए बिना सब्सिडी का उपयोग करने और अतिरिक्त वसूली के आरोप में एक गैस एजेंसी पर ₹22.83 लाख का जुर्माना लगाया गया है.

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LPG Cylinder Supply Scam: मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले से एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है. यहां कलेक्टर न्यायालय ने गैस उपभोक्ताओं के साथ अनियमितता और नियमों की अनदेखी के मामले में एक गैस एजेंसी संचालक पर 22 लाख रुपये से ज्यादा का भारी जुर्माना लगाया है. मामला इंडियन ऑयल से जुड़ी एक गैस एजेंसी का है, जहां उपभोक्ता को सिलेंडर की सप्लाई नहीं दी जा रही थी, लेकिन उसके खाते से जुड़े लेन-देन लगातार दर्ज हो रहे थे.

उपभोक्ता की शिकायत से खुला मामला

यह मामला पिछले वर्ष जुलाई महीने में सामने आया था. एक उपभोक्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे लंबे समय से गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है, जबकि उसके मोबाइल पर सब्सिडी की राशि जमा होने के संदेश लगातार आ रहे हैं. शिकायत मिलने के बाद जिला आपूर्ति विभाग ने मामले की जांच शुरू की.

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गैस एजेंसी पर छापे में मिली अनियमितताएं

शिकायत की जांच के दौरान जिला आपूर्ति अधिकारी की टीम ने संबंधित गैस एजेंसी पर छापा मारा. जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. अधिकारियों ने पाया कि एजेंसी संचालक द्वारा उपभोक्ताओं को घर तक सिलेंडर पहुंचाने के बजाय उन्हें गोदाम से ही सिलेंडर लेने के लिए मजबूर किया जा रहा था.

डिलीवरी चार्ज के नाम पर ज्यादा वसूली

नियमों के मुताबिक, गैस सिलेंडर की कीमत में होम डिलीवरी का शुल्क पहले से शामिल होता है. लेकिन जांच में यह सामने आया कि जब उपभोक्ता खुद गोदाम से सिलेंडर ले रहे थे, तब भी उनसे पूरी डिलीवरी फीस वसूली जा रही थी. यानी उपभोक्ताओं से नियम के खिलाफ अतिरिक्त पैसा लिया जा रहा था.

स्टॉक में भारी गड़बड़ी आई सामने

जांच के दौरान गैस गोदाम के स्टॉक में भी बड़ा अंतर पाया गया. अधिकारियों के अनुसार, स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक संख्या में करीब 150 से 160 गैस सिलेंडर कम पाए गए. इससे यह साफ हुआ कि स्टॉक मैनेजमेंट में भी गंभीर गड़बड़ी थी.

कलेक्टर न्यायालय ने लगाया 22.83 लाख का जुर्माना

पूरी जांच के बाद जिला आपूर्ति विभाग ने मामला कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया. सुनवाई के बाद कलेक्टर कोर्ट ने गैस एजेंसी को आदेश दिया कि वह 22 लाख 83 हजार 984 रुपये की राशि शासन के खजाने में जमा करे. साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि निर्धारित समय में राशि जमा नहीं की गई, तो एजेंसी के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

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एजेंसी निलंबन तक की चेतावनी

अधिकारियों का कहना है कि जुर्माने की राशि जमा नहीं होने की स्थिति में गैस एजेंसी को निलंबित किया जा सकता है या लाइसेंस निरस्त करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है. इसके अलावा संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी केस दर्ज होने की संभावना भी जताई गई है.

जिला आपूर्ति अधिकारी पी.एल. मालवीय ने बताया कि उपभोक्ताओं से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि गंगा इंडियन गैस एजेंसी द्वारा सिलेंडर की सप्लाई में गड़बड़ी की जा रही है. जांच में यह भी सामने आया कि स्टॉक में करीब 160 सिलेंडर कम थे और करीब 800 सिलेंडरों की राशि, जिसकी कीमत 22.83 लाख रुपये से अधिक थी, नियम के खिलाफ एजेंसी के पक्ष में दर्ज थी.

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एजेंसी प्रबंधक ने आरोपों को बताया गलत

वहीं गैस एजेंसी के प्रबंधक अजय सोनी ने विभाग की कार्रवाई को गलत बताया है. उनका कहना है कि जांच के समय दोपहर का वक्त था, जब कई सिलेंडर उपभोक्ताओं तक सप्लाई के लिए वाहन में भेजे जा चुके थे. इसी वजह से स्टॉक में अंतर आया. उन्होंने साफ कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और कलेक्टर कोर्ट के फैसले को वे हाईकोर्ट में चुनौती देंगे.