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Anti Naxal Operations in India: भारत में नक्सल खात्मे की तारीख नजदीक आ गई है. नक्सलियों के खात्मे के काउंटडाउन में कुछ ही घंटे बचे हैं. केंद्र सरकार ने देशभर से नक्सल को खत्म करने की 31 मार्च 2026 की डेडलाइन रखी थी. भारत लंबे समय तक नक्सलवाद का बुरा असर पड़ा है. छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे राज्य नक्सल से प्रभावित थे. पिछले दो साल में केंद्र ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर कई बड़े नक्सलियों को खत्म किया है. साथ ही बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया है. इसके अलावा राज्य सरकारें नक्सलियों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए नीतियां भी चला रही हैं.

नक्सल के खात्मे की डेडलाइन से एक दिन पहले यानी सोमवार को लोकसभा में इस पर चर्चा की जाएगी. वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा होगी.

यहां पढ़ें नक्सल से जुड़ा अपडेट...

Mar 30, 2026 10:37 (IST)

Naxalite Devji Surrender: देवजी ने किया था तेलंगाना में सरेंडर

Naxal Surrender: पाराव से पहले 6 करोड़ के इनामी और 135 जवानों का हत्यारे नक्सली देवजी ने इसी साल फरवरी माह में तेलंगाना में सरेंडर किया था. करीब 62 साल के नक्सली देवजी को तिप्पिरी तिरुपति उर्फ संजीव पल्लव नाम से भी जाना जाता है. देवजी के साथ ही नक्सली मल्ला राजिरेड्डी ने भी समर्पण किया था. इसके अलावा कई इनामी नक्सली आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में नक्सली सरेंडर कर चुके हैं.

Mar 30, 2026 10:32 (IST)

Chhattisgarh Naxal: इस दिन वेल्ला मोडियम उर्फ़ मंगू मोडियम हुआ था ढेर

नक्सलियों का इंटेलिजेंस प्रमुख वेल्ला मोडियम उर्फ़ मंगू मोडियम 3 दिसंबर को ढेर हुआ था. मुठभेड़ में मंगू मोडियम समेत 12 नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था.

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Mar 30, 2026 10:29 (IST)

Chhattisgarh Naxal: खूंखार नक्सली माडवी हिड़मा और उसकी पत्नी राजे को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था

18 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश की सीमा पर खूंखार नक्सली माडवी हिड़मा और उसकी पत्नी राजे उर्फ राजक्का को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था. हिड़मा पर एक करोड़ रुपये का इनाम था. हिड़मा पर 150 से ज्यादा जवानों को मारने का आरोप था. सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में माडवी हिड़मा और उसकी पत्नी राजे समेत छह नक्सलियों को मार गिराया था.

Mar 30, 2026 10:18 (IST)

Naxal Commander Papa Rao Surrender: मोस्ट वॉन्टेड नक्सल कमांडर पापाराव ने 25 मार्च को किया था सरेंडर

Naxal Free India: मोस्ट वॉन्टेड नक्सल कमांडर पापाराव ने 25 मार्च को अपने 17 नक्सली साथियों के साथ NDTV की टीम की मदद से बीजापुर जिले में समर्पण किया था. वह रातभर जंगल के रास्ते चलकर सरेंडर करने प्रशासन के पास पहुंचा. नक्सल कमांडर पापाराव का पूरा नाम सुन्नम पापाराव है. वह मंगू दादा फर्फ चंन्द्रन्ना के नाम से भी मशहूर है. पापाराव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है. क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर

Mar 30, 2026 09:56 (IST)

Naxalites Get Mobile: अब लाल सलाम नहीं, लाइक और सब्सक्राइब

Chhattisgarh Naxal Surrender: छत्तीसगढ़ में बंदूक छोड़ मुख्यधारा में शामिल हुए पूर्व नक्सलियों के लिए सरकार एक ऐसी योजना लाई है, जो उनकी दुनिया को पूरी तरह 'अपडेट' कर देगी. पुनर्वास (Rehabilitation) की प्रक्रिया से गुजर रहे इन लोगों के लिए अब मोबाइल सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने का 'डिजिटल पुल' बनने जा रहा है. सरकार का मानना है कि जो लोग सालों तक घने जंगलों में बाहरी दुनिया से कटकर रहे, उन्हें समाज की रफ़्तार के साथ दौड़ने के लिए स्मार्टफोन से बेहतर कोई ज़रिया नहीं हो सकता. अब ये पूर्व नक्सली अपनी नई ज़िंदगी की रील बनाएंगे, देश-दुनिया की खबरें देखेंगे और सबसे बड़ी बात—पुरानी कड़वी यादों से पीछा छुड़ाकर 'डिजिटल एंटरटेनमेंट' की दुनिया में खुद को व्यस्त रखेंगे. क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर

Mar 30, 2026 09:32 (IST)

Jhiram Ghati Naxal Attack: झीरम घाटी में नक्सील हमला, 13 साल बाद भी जांच अधूरी

Sukma Naxalites Attack: 31 मार्च को देश से नक्सलवाद के खात्मे की समयसीमा तय की गई है. लेकिन जैसे-जैसे यह तारीख करीब आ रही है, छत्तीसगढ़ के बस्तर की झीरम घाटी का नाम आज भी एक खामोश सिहरन पैदा कर देता है. 13 साल बाद भी, यह अतीत दबने को तैयार नहीं है. 25 मई 2013 को झीरम घाटी का इलाका एक कत्लेआम का मैदान बन गया था. नक्सलियों ने कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा' से लौट रहे नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था और अंधाधुंध फायरिंग में 32 लोगों की जान चली गई थी. क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर

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Mar 30, 2026 08:49 (IST)

Naxal Surrender: सरेंडर करने वालों ने नक्सली नेताओं से भी की हथियार डालने की अपील

Anti Naxal Operation Campaign: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) समेत पूरे देश को 31 मार्च 2026 तक केंद्र सरकार ने नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य तय क्या है. इस बीच आत्मसमर्पित नक्सलियों ने अपने नेताओं को मुख्य धारा में वापिस लाने के लिए पत्र लिख कर हिंसा छोड़ने की अपील की है. पत्र में संदेश दिया गया है कि अब हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का वक्त आ चुका है, अब हिंसा छोड़कर अपने परिवार के साथ समय बिताना ही सबसे बेहतर होगा. पत्र गोंडी भाषा में लिखा गया है, जिसमें एक दिन पूर्ण सरेंडर करने वाले नक्सली रेनू, राधिका और संजू ने संयुक्त रूप से अपने साथियों से अपील करते हुए कहा है कि अब हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का वक्त आ चुका है. अब हिंसा छोड़कर अपने परिवार के साथ समय बिताना ही सबसे बेहतर है. पत्र के माध्यम से अपील करते हुए अपने साथियों के नाम का जिक्र भी किया गया है, जिसमें रूपी चंदर समेत कई नाम शामिल हैं. क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर

Mar 30, 2026 08:02 (IST)

Sukma Naxal Encounter: सुकमा में 5 लाख का इनामी नक्सली कमांडर मारा गया

Sukma Encounter Naxalite Moochaki Kailash Killed: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पोलमपल्ली थाना क्षेत्र के जंगल-पहाड़ी इलाके में रविवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक इनामी माओवादी को मार गिराया गया. मारा गया नक्सली प्लाटून नंबर-31 का सेक्शन कमांडर और PPCM मूचाकी कैलाश था, जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था. सुरक्षाबलों के इस ऑपरेशन को नक्सलियों के 31 मार्च 2026 तक खात्मे की डेडलाइन के तहत अंजाम दिया गया. क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर

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Mar 30, 2026 07:49 (IST)

बस्तर में वेंटीलेटर पर माओवाद, साल भर में सिमटा 4 दशकों का उग्रवाद

Maoist Ending in Bastar Chhattisgarh: करीब चार दशकों तक नक्सलवाद और माओवादियों के केंद्र में रहे छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद अब पूरी तरह से वेंटीलेटर पर आ गया है. केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त एंटी नक्सल ऑपरेशन का असर है कि महज एक साल के भीतर पिछले 4 दशकों से फैला माओवादी संगठनों का उग्रवाद सिमट गया है और अब अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है. दंतेवाड़ा जिले में अब तक 1659 माओवादियों ने आत्म- समर्पण कर मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं. वहीं 1720 माओवादियों की गिरफ्तारी की गई. अलग-अलग मुठभेड़ो में कुल 260 माओवादी मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं. इन मुठभेड़ में 335 हमारे बहादुर जवानो ने अपनी शहादत दी है, वही 351 आम ग्रामीण नक्सलियों की बर्बरता और क्रुर दंश में मारे गए हैं. क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर

Mar 30, 2026 07:43 (IST)

Lok Sabha to Discuss Government Efforts: लोकसभा में आज चर्चा होगी

Amit Shah on Naxal: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को खत्म करने की समय सीमा 31 मार्च रखी है. उससे एक दिन पहले लोकसभा में सोमवार को देश को वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा होगी. इस चर्चा की शुरुआत तेदेपा सांसद बायरेड्डी शबरी और शिवसेना सदस्य श्रीकांत शिंदे करेंगे. नक्सली हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों की एक नई समीक्षा के बाद देश में नक्सली उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या आठ से घटकर सात हो गई है. हाल में केंद्र सरकार द्वारा नौ राज्यों (जिनमें 38 जिले शामिल हैं) के साथ मिलकर एलडब्ल्यूई से निपटने के लिए राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना की व्यापक समीक्षा की गई. ये राज्य झारखंड, बिहार, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल हैं.

Mar 30, 2026 07:36 (IST)

Anti Naxal Operation: 2014 में 126 जिले नक्सल से थे प्रभावित

Chhattisgarh Naxal: केंद्र सरकार ने जनवरी 2024 से नक्सल के खिलाफ तेजी से अभियान शुरू किए थे. छत्तीसगढ़, झारखंड, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र में नक्सल विरोधी अभियानों के तहत सुरक्षाबलों ने कई नक्सलियों को एनकाउंटर में मार गिराया था. केंद्र ने बताया कि भारत में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 2014 में 126 थी, जो 2025 में घटकर सिर्फ 11 (2025) रह गई. सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की संख्या 36 से घटकर सिर्फ 3 रह गई थी. अब 2026 में अब 'लाल आतंक' यानी नक्सलियों का प्रभाव अब इन जिलों में लगभग खत्म हो चुका है.