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Madhya Pradesh Honey Trap: हनी ट्रैप मास्‍टरमाइंड श्वेता जैन का नया कांड, मंत्र‍ियों व IAS-IPS के बाद कौन फंसा

Madhya Pradesh Honey Trap: वर्ष 2019 के चर्चित इंदौर हनी ट्रैप मामले का एक नया और चौंकाने वाला कनेक्शन सामने आया है. इस केस की मुख्य मास्टरमाइंड श्वेता जैन ने जेल के भीतर अलका दीक्षित नाम की महिला के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की ब्लैकमेलिंग का एक नया नेटवर्क तैयार किया था.

Madhya Pradesh Honey Trap: हनी ट्रैप मास्‍टरमाइंड श्वेता जैन का नया कांड, मंत्र‍ियों व IAS-IPS के बाद कौन फंसा
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Madhya Pradesh Honey Trap: साल 2019 में पूरे देश को झकझोर देने वाला मध्य प्रदेश का हाई-प्रोफाइल 'हनी ट्रैप' मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. इंदौर पुलिस ने ब्लैकमेलिंग करने वाले एक नए और शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस नए खेल के तार जेल की सलाखों के पीछे से जुड़े हैं, जहां 2019 के हनी ट्रैप कांड की मुख्य मास्टरमाइंड श्वेता जैन ने इस नई गैंग की नींव रखी थी.

जेल की मुलाकात और नया नेटवर्क

पुलिस अधिकारी राजेश त्रिपाठी के अनुसार जांच में सामने आया है कि जेल में बंद रहने के दौरान श्वेता जैन की मुलाकात अलका दीक्षित नाम की महिला से हुई थी. इसी मुलाकात के दौरान श्वेता ने अलका को ब्लैकमेलिंग के इस काले कारोबार के गुर सिखाए. जेल से बाहर आने के बाद अलका दीक्षित ने अपने बेटे जयदीप, लखन चौधरी और जितेंद्र पुरोहित के साथ मिलकर एक नया गैंग तैयार किया. यह गैंग पिछले करीब दो साल से सक्रिय था.

बड़े कारोबारी और रसूखदार लोग थे निशाने पर

इस गैंग का नेटवर्क सिर्फ मध्य प्रदेश तक ही सीमित नहीं था, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में फैला हुआ था. गैंग के सदस्य बड़े कारोबारियों और रसूखदार लोगों को हुस्न के जाल में फंसाकर उनसे करोड़ों रुपये की वसूली करते थे. बदनामी के डर से अब तक कई पीड़ित सामने नहीं आए थे, जिससे इस गैंग के हौसले बुलंद थे.

1 करोड़ की डिमांड और ऐसे हुआ खुलासा

इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ तब हुआ जब गैंग ने इंदौर के एक बड़े कारोबारी हितेंद्र उर्फ चिंटू ठाकुर को अपने जाल में फंसाया और उनसे 1 करोड़ रुपये की मोटी रकम की मांग की. कारोबारी ने डरने के बजाय हिम्मत दिखाई और मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी. पुलिस ने जाल बिछाकर कार्रवाई करते हुए गैंग के सभी मुख्य आरोपियों को धर दबोचा. आरोपियों के पास से एक हुंडई कार भी बरामद की गई है.

पुलिस आरक्षक भी संदेह के घेरे में 

इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस विभाग का ही एक आरक्षक (कांस्टेबल) विनोद शर्मा भी इस गैंग की मदद कर रहा था. आरोप है कि अलका दीक्षित उसे पीड़ितों के फोटो और जानकारी भेजकर कानूनी सलाह लेती थी. आरक्षक विनोद शर्मा इस गैंग को पुलिस कार्रवाई से बचने और कानूनी दांव-पेंचों की ट्रेनिंग देता था. फिलहाल पुलिस उक्त आरक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

6 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर, खुलेंगे कई राज

पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें 6 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और रसूखदारों के नाम सामने आ सकते हैं और इस हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग नेटवर्क के कई बड़े राज खुलेंगे. 

कौन है श्वेता जैन?

श्वेता जैन साल 2019 में सामने आए मध्य प्रदेश के बेहद चर्चित और रसूखदार 'हनीट्रैप' मामले की मुख्य सूत्रधार और आरोपी रही है. उस वक्त इस गिरोह पर मध्य प्रदेश के कई बड़े राजनेताओं, रसूखदार मंत्रियों और आईएएस-आईपीएस (IAS-IPS) अफसरों को हुस्न के जाल में फंसाकर, उनके अश्लील वीडियो बनाकर करोड़ों रुपये वसूलने और सरकारी ठेके हासिल करने के गंभीर आरोप लगे थे. हालांकि, बाद में मानव तस्करी जैसे कुछ मामलों में उसे कोर्ट से राहत मिली थी, लेकिन इस नई वारदात ने साफ कर दिया है कि यह सिंडिकेट नए चेहरों के साथ फिर सक्रिय हो चुका है. 

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