ब्रेस्ट कैंसर...ये दो शब्द महिलाओं के साथ-साथ उनके घर वालों को भी डरा देते हैं. देश में हर साल इस तरह के कैंसर के 1.46 लाख से ज्यादा केस आते हैं जिसमें से 7600 की तो मौत भी हो जाती है. लेकिन अब मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एम्स में हुए रिसर्च से इन मरीजों के आशा की किरण जगी है. दरअसल AIIMS और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आइसर) ने मुनगा की पत्तियों और फली से 3 प्रकार के बायो एक्टिव कंपाउंड बनाए. इससे एक कोर ड्रग बनाया जो ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में कारगर हो सकता है. भोपाल एम्स के डॉक्टरों का दावा है कि चूहों पर प्रयोग सफल रहा है लेकिन इसका इंसानों पर टेस्ट बाकी है.
दरअसल भोपाल एम्स के लैब में चूहों की अलग-अलग प्रजातियों पर ब्रेस्ट कैंसर को लेकर शोध हुआ.इसमें एक समूह में ब्रेस्ट कैंसर डेवलेप किया गया जबकि दूसरे को समान्य रखा गया.सामान्य चूहों पर दवा का कोई प्रतिकूल असर नहीं हुआ, जबकि कैंसर पीड़ित चूहे तीन महीने में ठीक हो गये.