Lawrence Bishnoi Gang Extortion: मध्य प्रदेश के खरगोन में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी और फायरिंग का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. गैंग का डर दिखाकर 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने वाले इस नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए पुलिस अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. लगातार दबिश और तकनीकी जांच के चलते मामले की परतें खुलती जा रही हैं.
दो और आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने इस केस में हाल ही में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में सालिग्राम उर्फ संजय पाटीदार, निवासी धार, और योगेश भाटी, निवासी उज्जैन शामिल हैं. पुलिस ने सालिग्राम के कब्जे से करीब 10 लाख रुपये कीमत की ब्रेजा कार और एक मोबाइल फोन जब्त किया है. वहीं, योगेश भाटी के पास से भी मोबाइल फोन बरामद किया गया है.
व्हाट्सएप कॉल से दी गई थी धमकी
यह मामला 17 मार्च 2026 को सामने आया था. भीलगांव निवासी सत्येंद्र राठौड़ को व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमकी दी गई थी. कॉल करने वालों ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया और 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी. धमकी को गंभीर दिखाने के लिए आरोपियों ने फायरिंग का वीडियो भी भेजा और जान से मारने की बात कही.
फायरिंग कर फैलाई दहशत
रंगदारी मांगने के साथ‑साथ आरोपियों ने इलाके में फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश भी की. इसका मकसद पीड़ित पर दबाव बनाना और गैंग के नाम का खौफ दिखाना था. हालांकि शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी सीधे तौर पर गैंग से जुड़े नहीं थे, लेकिन उसके नाम का गलत इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दिया गया.
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से खुला मामला
पुलिस ने इस पूरे मामले में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल, डिजिटल सबूत और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच को आगे बढ़ाया. इसी के आधार पर शूटर, रेकी करने वाले और साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान की गई और एक‑एक कर सभी को गिरफ्तार किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों पर आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर धाराएं जोड़ दी हैं. पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित आपराधिक साजिश थी, जिसे पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया था.
धरपकड़ अभी जारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल कार्रवाई जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों के तार कहीं और तो नहीं जुड़े हैं और क्या इस तरह की अन्य वारदातों में भी इनकी भूमिका रही है.