रीवा में संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत का मामला अब सियासी रंग लेने लगा है. इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह वंदे भारत एक्सप्रेस से रीवा पहुंच गए हैं. उनके दौरे को लेकर पहले से ही राजनीतिक हलचल तेज थी. मृतका के पिता कई दिनों से बेटी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं, ऐसे में दिग्विजय सिंह के आगमन ने इस पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है. माना जा रहा है कि स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल और तेज हो सकते हैं.
अभिषेक तिवारी की रिपोर्ट...
देर रात रीवा पहुंचे दिग्विजय सिंह
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह वंदे भारत एक्सप्रेस से रीवा पहुंचे. उनके दौरे की जानकारी सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी उनके आगमन को लेकर तैयारियां की थीं.
प्रसूता और नवजात की मौत बना बड़ा मुद्दा
संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत का मामला पिछले कई दिनों से सुर्खियों में है. इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और उपचार व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं. मामले ने आम लोगों के बीच भी नाराजगी पैदा की है.
मृतका के पिता लगातार सिरमौर चौराहे पर धरना देकर बेटी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई है. परिवार की इस लड़ाई को स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिल रहा है.
पीड़ित परिवार से मुलाकात की संभावना
दिग्विजय सिंह के दौरे के दौरान पीड़ित परिवार से मुलाकात की संभावना जताई जा रही है. यदि ऐसा होता है तो इस मामले को प्रदेश स्तर पर और अधिक राजनीतिक महत्व मिल सकता है. कांग्रेस पहले से ही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है.
रीवा में अस्पताल से जुड़ा यह मामला अब केवल एक परिवार के दुख तक सीमित नहीं रह गया है. विपक्ष इसे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़कर देख रहा है. अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी बहस तेज हो गई है.
रीवा में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
दिग्विजय सिंह के रीवा पहुंचने से पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म था. अब उनके दौरे के बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आने की संभावना है. आने वाले दिनों में संजय गांधी अस्पताल और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है.