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चीतों के घर टाइगर का बसेरा! राजस्थान के बाघ को भाया कूनो, 90 किमी दूरी तय कर पहुंचा श्योपुर

श्योपुर के कुनो नेशनल पार्क में राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व का एक बाघ पिछले एक महीने से डेरा जमाए हुए है. करीब 90 किलोमीटर दूरी तय कर पहुंचे इस बाघ ने चीता सफारी करने आए पर्यटकों का रोमांच दोगुना कर दिया है.

चीतों के घर टाइगर का बसेरा! राजस्थान के बाघ को भाया कूनो, 90 किमी दूरी तय कर पहुंचा श्योपुर

Kuno National Park Tiger Sighting: श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में इन दिनों एक अनोखा नजारा पर्यटकों का उत्साह बढ़ा रहा है. चीतों के लिए मशहूर इस जंगल में अब राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व का एक बाघ पिछले एक महीने से डेरा जमाए हुए है. लगभग 90 किलोमीटर का सफर तय कर यह बाघ कूनो आ पहुंचा और अब चीता सफारी करने आए पर्यटकों को चीतों के साथ‑साथ बाघ का रोमांचक दीदार भी हो रहा है.

कूनो का जंगल भाया राजस्थान का टाइगर

राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व का यह टाइगर पिछले एक महीने से श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क के जंगल में घूम रहा है. माना जा रहा है कि कूनो का शांत और घना जंगल उसे इतना पसंद आया कि वह यहां ही रुक गया. चीतों का घर कहे जाने वाले इस पार्क में बाघ की मौजूदगी ने वन विभाग की सतर्कता तो बढ़ाई है, लेकिन पर्यटक इसे लेकर बेहद उत्साहित हैं.

सफारी पर आए पर्यटकों की किस्मत चमकी

बीते कुछ दिनों में चीता सफारी करने पहुंचे कई पर्यटकों को यह बाघ खुलकर दिखा. तीन दिन पहले तो रोमांच चरम पर तब पहुंचा जब एक जिप्सी के रास्ते में अचानक टाइगर सामने आ गया. करीब आधे घंटे तक बाघ जिप्सी के आसपास ही घूमता रहा और पर्यटक इस पूरे दृश्य को अपने कैमरे में कैद करते रहे. सफारी का यह अनुभव उनके लिए यादगार बन गया.

रणथंभौर से कूनो तक खुला जंगल मार्ग

कूनो नेशनल पार्क का बड़ा हिस्सा राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के रणथंभौर टाइगर रिजर्व से जुड़ता है. दोनों जंगलों के बीच प्राकृतिक मार्ग है, जिसके चलते कई बार टाइगर कूनो के इलाके में आ जाते हैं. कई बाघ तो लंबे समय तक यहां रुकते हैं और फिर अपने मूल क्षेत्र की ओर लौट जाते हैं. इस बार भी यही हुआ, लेकिन यह बाघ कूनो में काफी दिनों से ठहरा हुआ है.

चीतों की सुरक्षा पर बढ़ी निगरानी

कूनो में चीतों को खुले जंगल में छोड़ने के बाद वन विभाग उनकी सुरक्षा पर बहुत ध्यान दे रहा है. अब बाघ की मौजूदगी के बाद सुरक्षा और भी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी न हो. हालांकि अब तक चीतों और बाघ के बीच किसी संघर्ष की कोई घटना सामने नहीं आई है.

पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी

बाघ के लगातार दिखाई देने से कूनो में चीता सफारी की लोकप्रियता और बढ़ गई है. पर्यटक अब चीतों के साथ बाघ को देखने की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं. पार्क प्रशासन के अनुसार पिछले कुछ दिनों में सफारी बुकिंग में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

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