करीब 20 दिनों से लापता मादा चीता 'निर्वा' के सुरक्षित मिलने से कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन ने राहत की सांस ली है. साउथ अफ्रीका से भारत लाई गई निर्वा 20 अगस्त के बाद से ट्रैक नहीं हो पा रही थी, क्योंकि उसके गले में लगा रेडियो कॉलर खराब हो गया था. लगातार तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था. आखिरकार शिवपुरी जिले के एक गांव में उसके दिखने की सूचना मिली, जिसके बाद विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे वापस कूनो नेशनल पार्क ले आई.
कॉलर खराब होने से बढ़ गई थी चिंता
कूनो नेशनल पार्क के अधिकारियों के मुताबिक निर्वा के गले में लगे रेडियो कॉलर से सिग्नल मिलना बंद हो गया था. इसी वजह से उसकी लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा था. 20 अगस्त के बाद वह अपने बच्चों और ट्रैकिंग टीम की निगरानी से दूर हो गई थी. कॉलर बंद होने के कारण पार्क प्रबंधन के सामने उसकी निगरानी करना बड़ी चुनौती बन गया था.
50 टीमें दिन-रात कर रही थीं तलाश
निर्वा की खोज के लिए कूनो प्रबंधन ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. करीब 50 टीमें जंगल और आसपास के इलाकों में लगातार तलाश कर रही थीं. वन विभाग के कर्मचारी, ट्रैकर्स और चीता विशेषज्ञ कई दिनों से उसके संभावित मूवमेंट पर नजर बनाए हुए थे. हालांकि शुरुआती दिनों में टीमों को कोई सफलता नहीं मिली.
शिवपुरी के गांव में मिली अहम सूचना
बुधवार को अधिकारियों को शिवपुरी जिले के एक गांव में चीते के देखे जाने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही कूनो नेशनल पार्क के अधिकारी और चीता विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान पुष्टि हुई कि वह मादा चीता निर्वा ही है. इसके बाद अधिकारियों ने तत्काल रेस्क्यू की तैयारी शुरू कर दी.
ट्रेंकुलाइज कर किया सुरक्षित रेस्क्यू
निर्वा के मिलने के बाद विशेषज्ञ टीम ने उसे ट्रेंकुलाइज किया, ताकि बिना किसी जोखिम के सुरक्षित पकड़कर वापस लाया जा सके. रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहने के बाद उसे विशेष निगरानी में कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया. निर्वा के सुरक्षित लौटने से पार्क प्रबंधन और वन विभाग के अधिकारियों ने राहत महसूस की.
मेडिकल जांच में पूरी तरह स्वस्थ मिली निर्वा
कूनो पहुंचने के बाद वन्यजीव चिकित्सकों की टीम ने निर्वा का स्वास्थ्य परीक्षण किया. मेडिकल जांच में मादा चीता पूरी तरह स्वस्थ पाई गई. इसके बाद उसके गले में लगा खराब रेडियो कॉलर बदलकर नया उपकरण लगाया, ताकि भविष्य में उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके.
शिकारियों को लेकर भी थी चिंता
निर्वा के लंबे समय तक लापता रहने से अधिकारियों की चिंता केवल उसकी सुरक्षा को लेकर ही नहीं थी, बल्कि शिकारियों के संभावित खतरे को लेकर भी थी. इसी कारण उसकी तलाश में लगातार विशेष निगरानी और व्यापक सर्च अभियान चलाया जा रहा था. अब उसके सुरक्षित मिलने के बाद कूनो प्रबंधन ने बड़ी राहत महसूस की है.