खंडवा में बंद होगा 'मौत का कुंआ'! जिन कंधों पर गणगौर माता का रथ होना था, उन पर ही उठी 8 अर्थियां

Khandwa Well Accident: प्रारंभिक जांच के अनुसार, कुएं में मीथेन गैस मौजूद थी, जिसके संपर्क में आने से दम घुटने से 8 लोगों की जान गई. घटना के बाद प्रशासन ने इस कुएं को बंद करने का निर्देश जारी किया है.

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Khandwa Well Accident News: खंडवा के कोंडावत गांव में गणगौर पर्व की खुशियां 8 लोगों की मौत के बाद मातम में बदल गई. अब इस गांव में चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ है. शुक्रवार सुबह जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद जा शव गांव लाए गए. चारों ओर चीख पुकार मच गई. अपनों को खोने का दुख उस समय और बढ़ गया जब एक साथ 8 अर्थियां गांव से शमसान घाट के लिए निकली. ऐसा कोई नहीं था जिसकी आंखों से आंसुओं की धारा ना बही हो. दिल दहलाने देने वाला यह मंजर हर किसी को रोने पर मजबूर कर दिया.

इस दर्दनाक घटना में किसी ने अपना पिता खोया तो किसी ने भाई, किसी ने अपना दोस्त खोया. कुछ परिवारों से तो जैसे छत ही छीन गई है. गांव में गुरुवार से लेकर अब तक किसी के घर में चूल्हा नहीं जला. इस घटना के बाद अब जिला कलेक्टर ने इस कुएं को बंद करने का निर्देश दिया है.

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ऐसे हुआ हादसा

खंडवा जिले में उस वक्त मातम पसर गया, जब एक कुएं की सफाई के दौरान 8 लोगों की जान चली गई. दरअसल, यह पूरी घटना छैगांवमाखन के कुंडावत गांव की है. गुरुवार को आठ लोग 150 साल पुराने कुएं में गणगौर के लिए सफाई करने उतरे थे. इस दौरान एक-एक कर 8 लोग दलदल में फंस गए. सूचना मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची. रात लगभग 8 बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला, लेकिन तब तक सभी की जान जा चुकी थी और इस कुएं से सभी आठ लोगों के शव बाहर निकाले गए. 

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हादसे में इन लोगों की मौत

हादसे में कोंडावत गांव के राकेश पटेल (21), वासुदेव पटेल (40), अर्जुन पटेल (35), गजानंद पटेल (35), मोहन पटेल (48), अजय पटेल (25), शरण पटेल (40) और अनिल पटेल (25) की मौत हो गई है.

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घटना की जानकारी जैसे ही ग्रामीणों तक पहुंची पूरे गांव में मातम पसर गया. ग्रामीणों ने बताया कि गणगौर पर्व में विसर्जन के लिए इस बावड़ी नामक कुएं का उपयोग किया जाता था. हर वर्ष इसकी सफाई की जाती थी. इस बार सफाई के दौरान यह हादसा हो गया. एक-एक कर कुल आठ लोग इस कुएं में उतरे और उनकी मौत हो गई.

कैसे हुआ कोंडावत गांव में हादसा?

कोंडावत के रहने वाले संजू पटेल ने बताया कि सबसे पहले अर्जुन नाम का युवक रस्सी और खटिया के सहारे कुएं में उतरा था. ऊपर का मालबा साफ करने के बाद वह बाहर आ गया. बाद में दूसरे युवक बारी-बारी से कुएं में उतरे तब तक कुएं में मिथाइल गैस का रिसाव शुरू हो गया. जिसकी चपेट में आने से युवक पानी में डूब गए. कुएं में कचरा होने से दलदल जैसी गाद जमा हो गई थी. इसी गाद में सभी फंस कर अपनी जान से हाथ धो बैठे.
  
कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने इस हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने बताया कि संभावित जहरीली गैस के फॉर्मेशन से यह हादसा हुआ. उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वो अपने गांव के बेकार पड़े बावड़ियों में फूल पत्ती पुरानी प्रतिमाएं नहीं डालें. उन्होंने NGT के नियमों के पालन की अपील की है. अब इस मौत के कुएं को बंद कर दिया गया है.

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