धर्म को राजनीति से ना जोड़ें... दिग्विजय के भाई की नसीहत पर कमलनाथ ने दिया जवाब

दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह ने न्यूज एजेंसी एएनआई को एक बयान दिया था. इसमें उन्होंने कहा था कि जो लोग राम मंदिर आंदोलन में लड़े, वे स्पष्ट रूप से प्राण प्रतिष्ठा के संबंध में निर्णय लेंगे. उन्होंने निर्णय ले लिया है.

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दिग्विजय के भाई की नसीहत पर कमलनाथ ने दिया जवाब

Kamalnath News: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के छोटे भाई और पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह के बयान पर अब पूर्व सीएम कमलनाथ (Former CM Kamalnath) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. कमलनाथ (Kamalnath) ने कहा कि सबकी अपनी-अपनी राय हो सकती है. धर्म का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए. धर्म को राजनीति से ना जोड़ें. 

कमलनाथ शनिवार सुबह भोपाल के कोलार रोड पर आयोजित श्रीमद भागवत कथा एवं रूद्राभिषेक कार्यक्रम में हुए शामिल थे. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारत विश्व की सबसे बड़ी आध्यात्मिक शक्ति है. भारत सनातन धर्म का देश है. यही भावनाएं हम सबको बल और शक्ति देती हैं.

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लक्ष्मण सिंह ने पार्टी को दी नसीहत

दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह ने न्यूज एजेंसी एएनआई को एक बयान दिया था. इसमें उन्होंने कहा था कि जो लोग राम मंदिर आंदोलन में लड़े, वे स्पष्ट रूप से प्राण प्रतिष्ठा के संबंध में निर्णय लेंगे. उन्होंने निर्णय ले लिया है. जहां तक निमंत्रण का सवाल है, इसे अस्वीकार करने का क्या मतलब है. हम क्या संदेश दे रहे हैं. जब राजीव गांधी ने ताला खुलवाया था तो आप कौन होते हैं इसे अस्वीकार करने वाले. 

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'लोकसभा चुनाव में दिखाई देगा नुकसान'

उन्होंने कहा कि अगर हमारा नेतृत्व ऐसे सलाहकारों को रखता है तो परिणाम वहीं होंगे जो अब तक आए हैं. लक्ष्मण सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मंदिर का ताला खुलवाया था, ऐसे में निमंत्रण अस्वीकार करने का क्या मतलब है. उन्होंने कहा कि इससे नुकसान होगा जो आगामी लोकसभा चुनाव में दिखाई देगा.

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