डॉ. हेमलता का नया VIDEO आया सामने, 50 करोड़ की मालकिन को किससे है जान का खतरा?

Jabalpur Doctor Hemlata Shrivastava: एमपी जबलपुर की 81 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव के नए वायरल वीडियो से 50 करोड़ की संपत्ति विवाद और गहराता दिख रहा है. एक ओर वे जबरन दस्तखत कराने का आरोप लगा रही हैं, वहीं दूसरी ओर डॉक्टर सुमित जैन पक्ष इसे स्वेच्छा से किया गया दान बता रहा है.

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Jabalpur Doctor Hemlata Shrivastava: मध्‍य प्रदेश के जबलपुर की रिटायर्ड डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. चार साल पहले इकलौते बेटे डॉक्टर रचित और एक माह पहले पति डॉक्टर महेश श्रीवास्तव की मौत के बाद 81 वर्षीय डॉक्टर अकेली जिंदगी जी रही हैं. उनकी करीब 50 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर विवाद बना हुआ है.

डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव को जबरन कार में बैठाकर ले जाने के वायरल वीडियो के बाद अब एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वे अपनी पीड़ा बयां करती नजर आ रही हैं. वीडियो में वे अपनी संपत्ति हड़पने की बात कह रही हैं. बताया जा रहा है कि वे स्वास्थ्य लाभ ले रही थीं और इसी दौरान किसी ने उनका वीडियो रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया. आइए जानते हैं पूरी कहानी खुद डॉक्टर हेमलता की जुबानी.  

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Jabalpur Doctor Hemlata Shrivastava

वायरल वीडियो में क्या कह रहीं हैं डॉक्टर हेमलता?

मैं हेमलता श्रीवास्तव, रिटायर्ड आई स्पेशलिस्ट विक्टोरिया अस्पताल जबलपुर. 1922 राइट टाउन, प्रेम मंदिर के पास, डॉक्टर मुखर्जी अस्पताल के ठीक सामने रहती हूं. मेरी उम्र 81 साल है. मेरी स्थिति इस समय अच्छी नहीं है और मेरी जान को भी खतरा है. मुझे तुरंत मदद की आवश्यकता है. मुझे अपनी जान के साथ-साथ अपनी प्रॉपर्टी को लेकर भी बहुत डर लग रहा है.

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प्रॉपर्टी चोरों ने चुरा ली. डॉक्टर सुमित जैन और प्राची जैन ने पैसे में दिया बोलने के दस्तखत करवा लिए. ये लोग मुझे जबरन गाड़ी या एम्बुलेंस में डालकर ऑफिस ले गए थे. मुझे ठीक से याद नहीं है, बस इतना याद है कि मुझे बाहर एम्बुलेंस में ले जाकर कुछ हस्ताक्षर कराए गए. अब यह कागजों से ही पता चलेगा कि असल में क्या हुआ है. 

मैंने वह काम स्वेच्छा से नहीं बल्कि मजबूरी में किया. मैं उस समय न तो पढ़ पा रही थी और न ही कुछ समझ पा रही थी. मेरे पास इतना समय भी नहीं था. सबसे बड़ी बात यह है कि मेरी आंखों की स्थिति ऐसी है कि मुझे पढ़ने के लिए विशेष चश्मे की जरूरत पड़ती है, जिसके बिना मैं पढ़ नहीं पाती.

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उस समय जो व्यक्ति मेरे साथ था, जिसे मैं परिचित मानती थी, उसने मुझे कागजात पढ़कर भी नहीं सुनाए. ऑफिस में मुझे जो दिखाया गया, वह स्पष्ट नहीं था. मुझे यह कहकर ले जाया गया था कि यह कागज अस्पताल से संबंधित है, जबकि वह रजिस्ट्री का कागज था. वे मुझे अस्पताल की जगह कहीं और ले गए थे, जो कि खाने-पीने की जगह या किसी ऑफिस के सामने था.  

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आरोपों पर क्यों बोले डॉक्टर जैन?

डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव के आरोपों पर डॉक्टर सुमित जैन और उनके पिता आर.के. जैन ने NDTV से बातचीत में बताया कि डॉक्टर सुमित जैन, डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव एवं महेश श्रीवास्तव के इकलौते पुत्र डॉक्टर रचित श्रीवास्तव के साथ कॉलेज में थे. उनके बीच मित्रता थी.

साल 2022 में डॉक्टर रचित श्रीवास्तव की आकस्मिक मृत्यु के बाद डॉक्टर सुमित जैन और उनकी पत्नी डॉक्टर प्राची जैन, डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव एवं महेश श्रीवास्तव की सेवा करते रहे. उनके घर इनका आना-जाना कई वर्षों से था.

कोई वारिस न होने से डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव ने डॉक्टर महेश श्रीवास्तव की उपस्थिति में इच्छा जताई थी कि वह अपनी जमीन के एक हिस्से पर अपने ससुर बी.एल. श्रीवास्तव एवं बेटे रचित श्रीवास्तव के मेमोरियल क्लिनिक को चलाना चाहती हैं, जिसे डॉक्टर सुमित जैन एवं डॉक्टर प्राची जैन द्वारा संचालित किया जाए.

इसके बाद 2 जनवरी 2026 को रजिस्ट्रार ऑफिस में डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव द्वारा अपनी संपत्ति के कुछ हिस्से के लिए डॉक्टर सुमित जैन एवं डॉक्टर प्राची जैन के पक्ष में रजिस्टर्ड दान पत्र निष्पादित किए गए.

12 जनवरी 2026 को डॉक्टर सुमित जैन एवं डॉक्टर प्राची जैन द्वारा डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव का 81वां जन्मदिन मनाया गया.  जन्म दिवस बनाए गए वीडियो पर वे पूरी स्वस्थ दिख रही हैं. 14 जनवरी को स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें मुखर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया.

इंजेक्शन देकर वीडियो रिकॉर्ड करवाने का आरोप

डॉक्टर जैन का आरोप है कि इस दौरान डॉ. तरुण बहरानी ने कुछ दवाइयां और इंजेक्शन देकर डॉक्टर हेमलता के वीडियो उनके खिलाफ रिकॉर्ड करवाए और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए, जिससे उनके हाथ में सूजन और घाव हो गया. इसके बाद उनकी बहन उन्हें अस्पताल से घर ले गईं.

26 जनवरी 2026 को डॉक्टर सुमित जैन के जन्मदिन पर डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव ने उन्हें आशीर्वाद दिया और कहा कि उनके साथ कोई गलत नहीं हुआ है और उन्होंने अपनी संपत्ति दान की है. 

इससे पहले 22 जनवरी 2026 को डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव ने अपनी शेष संपत्ति मंदिर ट्रस्ट को दान कर दी थी. इसके कुछ दिन बाद मंदिर ट्रस्ट के लोग उन्हें मंदिर ले जा रहे थे, तभी मुखर्जी अस्पताल के संचालक से विवाद हुआ और सफेद कार में ले जाने का वीडियो वायरल हो गया. इसके बाद IMA ने शिकायत की और प्रशासन द्वारा उन्हें अस्पताल शिफ्ट कराया गया.