इंदौर में हो रही थी मौतें और झूला झूल रहे थे पार्षद: विजयवर्गीय के 'अहंकार' का ढाल बनने वाला यह नेता कौन?

Kailash Vijayvargiya Indore Dirty Water: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 10 मौतों के बीच पार्षद कमल वाघेला का झूला झूलते वीडियो वायरल. जानिए कौन है वो नेता जिसने NDTV के सवाल पर कैलाश विजयवर्गीय के 'फोकट प्रश्न' वाले बयान का बचाव किया.

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Indore Dirty Water Deaths: मध्य प्रदेश का इंदौर, जो अपनी स्वच्छता के लिए देश भर में नंबर वन है, आज वहां की व्यवस्था पर खून के धब्बे लग चुके हैं. इंदौर के भागीरथपुरा मोहल्ले में दूषित पानी पीने से अब तक 11 मासूम लोगों की जान जा चुकी है. करीब 200 लोग जिंदगी और मौत के बीच अस्पतालों में जंग लड़ रहे हैं. लेकिन शर्मनाक बात यह है कि जब NDTV के स्थानीय संपादक अनुराग द्वारी ने इस मौत के तांडव पर मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछा, तो जवाब मिला- "फोकट प्रश्न मत पूछो." इसके बाद जब मंत्री जी को जब भाषा की मर्यादा की याद दिलाई गई तो एक स्थानीय नेताजी बचाव में आगे आ गए.  

कौन है मंत्री का बचाव करने वाला यह 'खास' शख्स?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में सिर्फ कैलाश विजयवर्गीय का अहंकार ही नहीं दिखा, बल्कि उनके पीछे खड़ा एक शख्स भी पत्रकार से बदतमीजी करता नजर आया. स्काई ब्लू कुर्ते और बंटी में नजर आ रहे इस शख्स ने मंत्री के संवेदनहीन बयान का पुरजोर बचाव किया. आपको जानकर हैरानी होगी कि यह शख्स कोई और नहीं, बल्कि उसी भागीरथपुरा के भाजपा पार्षद कमल वाघेला हैं, जहां दूषित पानी से लोगों के घरों में मातम पसरा है.

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लोग मर रहे थे और नेता जी झूला झूल रहे थे

पार्षद कमल वाघेला की संवेदनहीनता की हदें यहीं खत्म नहीं होतीं. एक तरफ अस्पताल में भर्ती मरीज दम तोड़ रहे थे, दूसरी तरफ 30 दिसंबर की शाम का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कमल वाघेला पार्क में मजे से झूला झूलते नजर आ रहे हैं. जब क्षेत्र की जनता गंदे पानी की किल्लत से जूझ रही थी, तब इन जनप्रतिनिधि के पास झूला झूलने का वक्त था, लेकिन जनता की सुध लेने का नहीं.

जनता का आरोप: शिकायत की तो पार्षद ने धमकाया

भागीरथपुरा के स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. लोगों का आरोप है कि जब वे गंदे पानी और गंदगी की शिकायत लेकर पार्षद के पास गए थे, तो कमल वाघेला ने समाधान करने के बजाय उन्हें धमका कर भगा दिया था. आरोप है कि पिछले चार महीनों से क्षेत्र में हालात खराब थे, लेकिन पार्षद ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. आज जब मंत्री से वाजिब सवाल पूछा गया, तो अपनी नाकामी छुपाने के लिए यह पार्षद मंत्री की ढाल बनकर खड़ा हो गया.

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