इंदौर पहुंचा 'आई लव मोहम्मद' विवाद, विहिप ने नवरात्रि पर मुहिम को लेकर जताई आपत्ति, जानें क्या है पूरा मामला?

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में शुमार इंदौर में 'आई लव मोहम्मद' के लगे पोस्टर और बैनर ने विवाद खड़ा कर दिया हैं. शहर में लगे बैनर-पोस्टर किसने लगाए हैं, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. वीएचपी की आपत्ति के बाद पुलिस और प्रशासन ने शहर में चौकसी बढ़ा दी है. 

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I LOVE MOHAMMAD POSTER BANNER CAMPAIGN SPARKED CONTROVERSY IN INDORE, MP

VHP: उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से 'आई लव मोहम्मद' (I Love Mohammad) के बैनर तले शुरू हुआ मुहिम मध्य प्रदेश में भी दस्तक दे चुका है. सोमवार को इंदौर शहर में 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर देखे गए हैं. विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के मौके पर ऐसे बैनरों और पोस्टर को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है. 

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में शुमार इंदौर में 'आई लव मोहम्मद' के लगे पोस्टर और बैनर ने विवाद खड़ा कर दिया हैं. शहर में लगे बैनर-पोस्टर किसने लगाए हैं, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. वीएचपी की आपत्ति के बाद पुलिस और प्रशासन ने शहर में चौकसी बढ़ा दी है. 

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तेजी से फैला है कानपुर से शुरू हुआ बैनर विवाद

गौरतलब है यूपी के कानपुर शहर से शुरू हुआ 'आई लव मोहम्मद' बैनर विवाद पूरे देश में फैल रहा है. इस पोस्टर पर राजनैतिक बयानबाजी और प्रदर्शनों के बाद कई राज्यों में हिंसक झड़पें भी हुईं. यूपी के कानपुर, उन्नाव, भदोही और शाहजहांपुर के बाद उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर और महाराष्ट्र के ठाणे और लातूर के बाद विवाद अब इदौर पहुंचा है.

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इदौर के चंदन नगर में बैनर-पोस्टर लगे हुए मिले

रिपोर्ट के मुताबिक इदौर के चंदन नगर क्षेत्र में 'आई लव मोहम्मद' के बैनर-पोस्टर लगे हुए मिले. शारदीय नवरात्रि पर्व पर लगे इन पोस्टरों को लेकर विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि जब हिंदू समाज का प्रमुख पर्व नवरात्रि मनाया जा रहा है, ये बैनर लगाकर वर्ग विशेष के लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं.

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कानपुर पुलिस ने साफ किया है कि मुकदमा पोस्टर लगाने के लिए नहीं, बल्कि बिना अनुमति जुलूस निकालने और टेंट लगाकर नई परंपरा शुरू करने के लिए दर्ज किया गया है. लेकिन, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर पैगंबर मोहम्मद का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे.

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विहिप ने लगाया है विदेशी फंडिंग का आरोप 

विहिप नेताओं ने पूरे घटनाक्रम में विदेशी फंडिंग का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि देशभर में कई जगहों पर इस तरह के 'आई लव मोहम्मद' के बैनर लगाए जा रहे हैं, जो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हैं और यदि समय रहते प्रशासन और खुफिया एजेंसियां सतर्क नहीं हुईं, तो ऐसे कदम समाज में वैमनस्य और विवाद को जन्म दे सकते हैंं.

पुलिस ने शुरू की बैनर-पोस्टर विवाद की जांच 

विहिप की आपत्ति के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है. क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस की बल की तैनाती की गई है. सवाल बना हुआ है कि आखिर किसने और किस मंशा से यह बैनर लगाए? यह स्पष्ट नहीं हो पाया है.

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विहिप का कहना है कि वर्तमान समय में वर्ग विशेष का कोई बड़ा त्योहार है, फिर भी अचानक 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर क्यों लगाए गए. विहिप ने लगाया है कि जानबूझकर हिंदू बहुल्य इलाकों के समीप इस तरह के बैनर लगाए जा रहे हैं. इससे सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है.

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कैसे और कहां से शुरू हुआ विवाद?

उल्लेखनीय है बीते 4 सितंबर को कानपुर शहर के रावतपुर में निकाले गए बारावफात के जुलूस में बिना अनुमति के सड़क किनारे 'आई लव मोहम्मद' लिखा एक पोस्टर लगाया गया था, जिसको 'नई परंपरा' बताकर दूसरे समुदाय के लोगों ने विरोध किया. पुलिस ने पोस्टर हटवा दिए. शुरुआत में मामला शांत था, लेकिन राजनीतिक बयानों ने विवाद को हवा दे दी.

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जगह-जगह विरोध प्रदर्शन और हिंसा

कानपुर से शुरू हुए 'आई लव मोहम्मद'  बैनर-पोस्टर की मुहिम कानपुर से निकलकर यूपी के दूसरे शहरों तक पहुंची और, उत्तराखंड और महाराष्ट्र में भी ऐसे पोस्टर-बैनर देखे गए और सोमवार को इंदौर शहर में लगे 'आई लव मोहम्मद' के बैनर-पोस्टर के विरोध विश्व हिंदू परिषद खड़ी हो गई. 

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उन्नाव में तो 'आई लव मोहम्मद' बैनर-पोस्टर के समर्थन में प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की. यहां तक कि प्रदर्शकारियों ने उन्नाव पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए दो प्रदर्शकारी युवकों को छुड़ाने की कोशिश तक की गई, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा.

महाराष्ट्र में मार्च, लाखों लोग सड़कों पर उतरे

महाराष्ट्र के लातूर में मुस्लिम समुदाय ने एक विशाल मार्च निकाला, जिसमें लाखों लोग सड़कों पर उतरे. 'आई लव मोहम्मद' लिखी तख्तियां पकड़े प्रदर्शनकारियों ने युवकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और धार्मिक भावनाओं के संरक्षण के लिए कानून लागू करने की मांग की. उन्होंने अपनी मांग को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा.

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बैनर को आस्था का प्रतीक बता रहे समर्थक

उल्लेखनीय है आई लव मोहम्मद के नाम से चल रहा मुहिम में 'मुहम्मद' का अर्थ इस्लाम के संस्थापक पैगंबर मोहम्मद से है. समर्थक इसे धार्मिक आस्था का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि विरोधियों ने इसे साम्प्रदायिक तनाव फैलाने का हथियार बताया है. पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक जगह पर बिना इजाजत टेंट लगाने और सौहार्द बिगाड़ने पर कार्रवाई हुई है.

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