National Highway: मध्य प्रदेश में आसान होगा हैदराबाद तक का सफर, पहाड़ों को चीरकर यहां बनाया जा रहा राष्ट्रीय राजमार्ग

एनएचएआई के अधिकारी ने मध्य प्रदेश और तेलंगाना को एक दूसरे से जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी गलियारे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर और हैदराबाद को जोड़ने वाले चार लेन राजमार्ग  निर्माण से भारी ट्रैफिक दबाव वाले अंतरराज्यीय रास्ते पर न केवल सड़क हादसों में कमी आएगी, बल्कि यात्रा समय कम भी होगी.

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NHAI BUILT INDORE TO HYDERABAD CORRIDOR BY CUTTING MOUNTAINS
इंदौर:

Indore To Hydrabad Highway: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से जोड़ने वाले गलियारे पर एक महत्वाकांक्षी राजमार्ग का निर्माण कार्य कर रही है, जो साल 2026 के आखिर तक पूरा हो जाएगी. चार लेन वाले महत्वाकांक्षी राजमार्ग के कारण इंदौर से महाराष्ट्र के जलगांव होते हुए हैदराबाद के बीच भी गाड़ियों की आवाजाही सुगम होगी.

एनएचएआई के अधिकारी ने मध्य प्रदेश और तेलंगाना को एक दूसरे से जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी गलियारे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर और हैदराबाद को जोड़ने वाले चार लेन राजमार्ग  निर्माण से भारी ट्रैफिक दबाव वाले अंतरराज्यीय रास्ते पर न केवल सड़क हादसों में कमी आएगी, बल्कि यात्रा समय कम भी होगी.

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चार लेन वाले राजमार्ग से सुगम होगी इंदौर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के बीच यात्रा

एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी श्रवण कुमार सिंह ने निर्माण कार्य के निरीक्षण के बाद संवाददाताओं को बताया कि मध्य प्रदेश में बन रहे इंदौर-इच्छापुर राष्ट्रीय राजमार्ग का काम इस साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा. उन्होंने बताया कि चार लेन वाले राजमार्ग के कारण इंदौर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के बीच यात्रा सुगम हो जाएगी.

इंदौर के तेजाजी नगर से खरगोन के बलवाड़ा के बीच निर्माण कार्य है काफी चुनौतीपूर्ण

उन्होंने बताया कि चार लेन वाले राजमार्ग के निर्माण से इंदौर से महाराष्ट्र के जलगांव होते हुए हैदराबाद के बीच भी गाड़ियों की आवाजाही सुगम होगी. उन्होंने बताया कि इंदौर के तेजाजी नगर से खरगोन जिले के बलवाड़ा के बीच 33.40 किलोमीटर लंबे खंड में निर्माण कार्य काफी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि यह रास्ता दुर्गम पहाड़ी इलाकों और तीखे ढलान वाले घाटों से होकर गुजरता है.

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 गलियारे से वाहन चालकों को ढालदार, संकरे और जोखिमपूर्ण रास्तों से मुक्ति मिलेगी

अधिकारी ने बताया कि 33.40 किलोमीटर लंबे खंड में खंड पर घाट सेक्शन को समाप्त करके सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक ब्लास्टिंग तकनीक से तीन सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है. इनमें 575 मीटर लंबी भेरूघाट सुरंग, 550 मीटर लंबी चोरल घाट सुरंग और 480 मीटर लंबी बाईग्राम सुरंग शामिल हैं. इनके निर्माण से वाहन चालकों को ढालदार, संकरे और जोखिमपूर्ण रास्तों से मुक्ति मिलेगी.

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