Contaminated Water Death: मध्य प्रदेश के शहरों में सीवेज-मिश्रित और दूषित पेयजल की आपूर्ति को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए 'गंभीर खतरा' बताते हुए गुरुवार को एनजीटी की केंद्रीय क्षेत्र पीठ ने ऐसे मामलों की जांच के लिए 6 सदस्यीय एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. यह आदेश इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौत के बाद आया है.
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हरित कार्यकर्ता की याचिका पर NGT ने जारी किया आदेश
रिपोर्ट के मुताबिक एनजीटी के न्यायधीश शिव कुमार सिंह (न्यायिक सदस्य) और ईश्वर सिंह (विशेषज्ञ सदस्य) की पीठ ने हरित कार्यकर्ता कमल कुमार राठी की याचिका पर सुनवाई के बाद आदेश जारी किया. वरिष्ठ अधिवक्ता हरप्रीत सिंह गुप्ता ने बताया कि याचिकाकर्ता के अनुसार, भोपाल के तालाबों में मल बैक्टीरिया की मात्रा खतरनाक स्तर है.
भोपाल के तालाबों में डेंजर लेबल पर मल बैक्टीरिया की मात्रा
याचिकाकर्ता के अनुसार भोपाल के तालाबों में मल बैक्टीरिया की मात्रा खतरनाक (1600 मिलीलीटर) स्तर पर है और सीवेज लाइन, पीने के पानी की लाइनों को दूषित कर रही हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 21 (नागरिकों के जीवन की सुरक्षा का अधिकार) का सीधा उल्लंघन है.
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सभी कलेक्टर और नगर आयुक्तों को भेजी जाएगी आदेश के प्रति
एनजीटी पीठ ने विशेष रूप से आदेश दिया है कि इसकी एक प्रति सभी जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों को भेजी जाए ताकि निर्देशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके. वहीं, दूषित पेयजल इंदौर के एक क्षेत्र में फैले बीमारी के प्रकोप, पर्यावरणीय संकट व राज्य भर के अन्य शहरों में प्रणालीगत जोखिमों पर भी प्रकाश डाला है.
इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 20 लोगों की हो चुकी है मौत
गौरतलब है दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र के निवासियों को नगर निगम की पाइपलाइनों के जरिए सप्लाईड गंभीर रूप से दूषित पानी से बड़े पैमाने पर जल जनित बीमारियां फैलीं. पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें कई रोगियों को गहन देखभाल की आवश्यकता पड़ी और इस घटना में 20 लोगों मौत भी हो गई.
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राज्यभर में शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए
उल्लेखनीय है राष्ट्रीय हरित अधिकरण अदालत ने राज्यभर में शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए, जिनमें पानी की गुणवत्ता रिपोर्ट, आपूर्ति समय और शिकायत निवारण के लिए एक मजबूत प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) और मोबाइल ऐप तैयार करना शामिल हैं.
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