Midday meal scam in Bhind: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के भिंड (Bhind) जिले के गोहद क्षेत्र में मध्यान्ह भोजन योजना (MIdday Meal Scam) में गड़बड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. राज छबि खुरासिया प्रारंभिक सीएम राइज स्कूल गोहद में पदस्थ हेड मास्टर ब्रजमोहन शर्मा पर गरीब छात्रों के लिए आने वाले मध्यान भोजन के खाद्यान्न को अपने घर भिजवाने का गंभीर आरोप लगा है. स्थानीय लोगों की सूचना पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और गेहूं से भरे ई-रिक्शा को हेडमास्टर के घर के बाहर पकड़ लिया.
जानकारी के अनुसार, हेड मास्टर ब्रजमोहन शर्मा का घर स्कूल से महज करीब 800 मीटर की दूरी पर स्थित है. आरोप है कि वे लंबे समय से स्कूल में आने वाले मध्यान भोजन के खाद्यान्न की बोरियों को ई-रिक्शा के जरिए अपने घर भिजवाते रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर महीने खाद्यान्न की बोरियां इसी तरह स्कूल से उनके घर पहुंचाई जाती थीं. इसी कड़ी में मंगलवार को भी मध्यान भोजन के लिए आए गेहूं की 7 बोरियां ई-रिक्शा में लादकर हेड मास्टर ब्रजमोहन शर्मा के घर ले जाई जा रही थीं. इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों को इस पर शक हुआ. इसके बाद उन्होंने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया और इसकी सूचना तुरंत गोहद एसडीएम राजन बी. नाड़िया को दी.
एसडीएम ने की तत्काल कार्रवाई
सूचना मिलते ही एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. उनके निर्देश पर शिक्षा विभाग के बीआरसी राजीव तोमर मौके पर पहुंचे और हेड मास्टर ब्रजमोहन शर्मा के घर के बाहर ही ई-रिक्शा को रोक लिया. उस समय गेहूं की बोरियां घर के अंदर रखी जा रही थी. मौके पर डायल 112 पुलिस भी पहुंच गई और ई-रिक्शा को जब्त कर थाने भेज दिया गया. प्रशासन ने पूरे मामले को जांच में ले लिया और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अब तक कितनी मात्रा में खाद्यान्न स्कूल से बाहर ले जाया गया. गौरतलब है कि स्कूल में पढ़ने वाले गरीब छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन इन्हीं गेहूं की बोरियों से तैयार किया जाता है. ऐसे में अगर खाद्यान्न की इस तरह हेराफेरी की पुष्टि होती है, तो यह सीधे तौर पर गरीब बच्चों के हक पर डाका माना जाएगा.
पहले भी विवादों में रह चुके हैं हेडमास्टर
हेडमास्टर ब्रजमोहन शर्मा का नाम इससे पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है. आरोप है कि उन्होंने शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय गोहद में नगर पालिका की ओर से बनाए गए अतिरिक्त कक्ष पर करीब 15 वर्षों तक कब्जा कर रखा था और उसी कक्ष में अपने परिवार के साथ रहते थे. इस वजह से स्कूल की छात्राओं को कक्षा उपलब्ध नहीं हो पाते थे और उन्हें कई बार खुले आसमान के नीचे सर्दी, तेज धूप और बारिश के बीच पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ता था. इतना ही नहीं, बैंक द्वारा छात्राओं के कक्ष में लगाने के लिए दान में दिए गए पंखे और आरओ भी हेडमास्टर ने अपने कब्जे वाले कक्ष में लगा लिए थे. स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि हेडमास्टर स्कूल में पढ़ाने से ज्यादा समय टूर पर बिताते हैं. इस पूरे मामले की शिकायत कांग्रेस नेता बृजमोहन गुर्जर द्वारा तत्कालीन एसडीएम आरए प्रजापति से भी की गई थी, लेकिन उस समय भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी.
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि हेडमास्टर खुद को भारतीय जनता पार्टी का वरिष्ठ कार्यकर्ता और RSS का पदाधिकारी भी बताता है, जिसकी वजह से अब तक उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो सकी. हालांकि, अब मध्यान भोजन के खाद्यान्न से जुड़ा नया मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित हेडमास्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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