Harsha Richhariya: साध्वी का चोला त्यागने से पहले संक्रांति पर हर्षा रिछारिया की नर्मदा में डुबकी, मैं सीता नहीं...कहने पर चर्चा में

Harsha Richhariya: मकर संक्रांति पर नर्मदा स्नान के लिए जबलपुर पहुंची हर्षा रिछारिया ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की एकता की कमी से उनका अस्तित्व खतरे में है. ऐसे ही हालात भारत में भी दिख रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Harsha Richhariya Viral News: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पूर्व साध्वी हर्षा रिछारिया नर्मदा स्नान के लिए जबलपुर पहुंचीं. मां नर्मदा में डुबकी लगाने के बाद उन्होंने NDTV से बात करते हुए कहा- मां नर्मदा ने मुझे बुलाया है, करीब आठ वर्ष बाद मैं नर्मदा स्नान करने आई हूं. इस दौरान उन्होंने सामाजिक और धार्मिक विषयों पर भी खुलकर अपनी बात की.

हर्षा रिछारिया ने बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात को लेकर कहा कि वहां हिंदू एकजुट नहीं होने के कारण अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं. धीरे-धीरे भारत में भी यही हालात दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि यहां भी हिंदू समाज में आपसी प्रतिस्पर्धा और ईर्ष्या की भावना है, जहां हर व्यक्ति स्वयं आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन अपने साथ वाले हिंदू को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहता. यही सोच समाज को कमजोर करती है.

धर्म को अपने मन और घर में रखें

हर्षा रिछारिया ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि धर्म को अपने मन और घर में रखें, क्योंकि यदि कोई धर्म का प्रचार करने निकलता है तो सबसे पहले विरोध उसी के धर्मगुरु और अपने ही लोग करते हैं. उन्होंने कहा कि जैसे बांग्लादेश में हिंदू एक नहीं थे, उसी तरह भारत में भी हिंदू समाज एकजुट नजर नहीं आता है. 

Advertisement

मैं सीता नहीं हूं...

इससे पहले हर्षा रिछारिया का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे कह रहीं थी- प्रयागराज महाकुंभ से शुरू हुई कहानी अब खत्म हो रही है. मुझे काफी विरोध का सामना करना पड़ा. मैंने कई परीक्षाएं दीं, काफी कुछ किया. मैं कोई गलत काम नहीं कर रही थी. धर्म के रास्ते पर चलकर मैं जो कर रही थी, उसे बार-बार रोका गया. मेरा मनोबल बार-बार तोड़ा गया. मैं सीता नहीं हूं, जो बार-बार अग्नि परीक्षा दूं. इसी के साथ उन्होंने धर्म की राह छोड़ने का ऐलान कर दिया था. एक क्लिक पर पढ़ें पूरी खबर...   

अपने पुराने काम पर लौटेंगी हर्षा

इस वायरल वीडियो को लेकर हर्षा रिछारिया ने एनडीटीवी से बातचीत की थी. जिसमें उन्होंने कहा कि वे अब धर्म और सत्संग का मार्ग छोड़कर अपने पुराने काम पर लौटेंगी. इस बातचीत के दौरान ही हर्षा रिछारिया का दर्द छलक गया और आंखों में आंसू आ गए थे. एक क्लिक पर पढ़ें पूरी खबर...

Advertisement

ड्रम बजाते, गाना गाते, डांस करते और कैरम खेलते हैं बच्चे, CG के उस सरकारी स्कूल की कहानी जहां पढ़ाई जा रही रामायण-गीता

Topics mentioned in this article