कब खत्म होगा इंतजार? ग्वालियर में 6 साल से बन रहा आधा किमी का एक रेलवे ओवर ब्रिज

लंबे समय से इस ब्रिज का काम पूरा न होने से आम लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि अब रास्ता एकदम बंद ही पड़ा है. जबकि सिटी से कलेक्ट्रेट की तरफ दर्जनों बड़ी टाउनशिप हैं जिनमें हजारों लोग रहते हैं और उनके घर आने-जाने का यही रास्ता है.

विज्ञापन
Read Time: 16 mins
ग्वालियर में छह साल से अधूरा पड़ा है रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण

Gwalior News: धीमी चाल या सुस्त गति के लिए अक्सर 'नौ दिन चले अढ़ाई कोस' कहावत का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन ग्वालियर (Gwalior) में चल रहे निर्माण कार्यों की गति के लिए यह कहावत भी कम पड़ जा रही है. ग्वालियर में सरकार ने महज एक रेलवे क्रॉसिंग को पार करने के लिए बनाए जा रहे एक रेलवे ओवर ब्रिज (Railway Over Bridge) के निर्माण में छह साल लगा दिए. यह ब्रिज विवेकानंद नीडम के पास बन रहा है. इसको बनाने का मकसद क्षेत्र को विकसित बनाना और शहरों के वाहनों को सीधे नेशनल हाइवे (National Highway) तक पहुंचाना था. 

नाका चंद्रवदनी से सीधे कलेक्ट्रेट होकर झांसी रोड हाइवे से जोड़ने वाले इस मार्ग में सबसे बड़ी बाधा यह थी कि बीच में ग्वालियर-भोपाल रेलवे ट्रैक है और इस पर ट्रेनों का ट्रैफिक बहुत है क्योंकि दिल्ली से दक्षिण जाने वाली सभी ट्रेनें यहीं से गुजरती हैं. अभी तक यहां रेलवे गेट था. इस दिक्कत को खत्म करने के लिए सरकार ने रेलवे से बात करके यहां एक रेलवे ओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे 2017 में स्वीकार कर लिया गया. इतना ही नहीं इस पुल को बनाने के लिए 42 लाख 80 हजार रुपए का बजट भी मंजूर हुआ. 

Advertisement

यह भी पढ़ें : MP News : 'सुशासन, राजधर्म, संकल्प पत्र, मतदान' राज्यपाल मंगुभाई ने अभिभाषण में क्या कुछ कहा जानिए यहां?

Advertisement

निर्माण में रुचि नहीं ले रहे रेलवे अधिकारी

इस ओवर ब्रिज पर समारोहपूर्वक काम शुरू हो गया और इसे 2017 में पूरा होने का टारगेट दिया गया. इस प्रोजेक्ट की गति शुरू में तो ठीक रही. राज्य सरकार की ओर से अपने हिस्से का ज्यादातर काम भी पूरा कर लिया गया लेकिन रेल विभाग में अफसरों ने इसमें कोई रुचि नहीं ली. नतीजतन काम अभी तक अधूरा पड़ा हुआ है. अभी तक पटरियों के ऊपर गार्डर बिछाने का काम भी रेलवे नहीं कर सकी है. जब तक यह नहीं होगा तब तक उस पर स्डक बनाने का काम शुरू नहीं हो सकेगा. यह काम कई साल से अटका पड़ा है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें : मंत्रिमंडल गठन को लेकर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने CM साय को कहा 'कठपुतली', BJP ने किया पलटवार

किसानों को आगे कर बिल्डरों ने रुकवाया काम

इस बीच कुछ किसानों ने भी दिक्कत करना शुरू कर दिया है. दरअसल इसके पीछे बिल्डर हैं. कहा जा रहा है कि छह बिल्डरों ने किसानों को आगे करके कलेक्ट्रेट साइड का काम रुकवा दिया है. पहले सर्विस रोड न होने का बहाना बनाकर इसका काम रुकवाया गया लेकिन अब और आपत्तियां लगा दी गई हैं क्योंकि इससे उनकी जमीन प्रभावित हो रही है. सबसे बड़ी विडंबना की बात यह है कि कोई भी अफसर इस मामले पर सामने आकर जुबान खोलने को तैयार नहीं हैं.

लंबे समय से इस ब्रिज का काम पूरा न होने से आम लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि अब रास्ता एकदम बंद ही पड़ा है. जबकि सिटी से कलेक्ट्रेट की तरफ दर्जनों बड़ी टाउनशिप हैं जिनमें हजारों लोग रहते हैं और उनके घर आने-जाने का यही रास्ता है.

Topics mentioned in this article