SSP ऑफिस के बाबू ने किया 71 लाख का घोटाला, पत्नी के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए 17 लाख रुपए

ट्रेजरी से जुड़े अफसरों ने बताया कि एसएसपी ऑफिस के 2018 से जुलाई 2023 के बीच के बिल भुगतान की जांच मुख्यालय ने की तो इसमें पाया गया कि यहां 77 खातों में 71 लाख रुपए का संदिग्ध भुगतान किया गया है.

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ग्वालियर में हुआ लाखों रुपए के घोटाले का खुलासा

Gwalior News : ग्वालियर (Gwalior) के एसएसपी ऑफिस (SSP Office) में एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है. अब तक 71 लाख रुपए के घोटाले का खुलासा हो चुका है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस घोटाले को एक बिल क्लर्क ने अंजाम दिया. इस घोटाले में 17 लाख रुपए की भारी भरकम राशि को बाबू ने अपनी पत्नी के खाते में ही ट्रांसफर कर दी. 

पीएचई में हुए 81 करोड़ के घोटाले की जांच अभी पूरी नही हुई है कि वहीं दूसरी तरफ कोष एवं लेखा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में 71 लाख की गड़बड़ी पकड़ ली. इस मामले में पहली नजर में बिल क्लर्क को दोषी माना गया. आयुक्त कोष एवं लेखा ने मामले की जांच भी जेडी कोष एलएन सुमन को सौंपी. इस टीम में कुल चार सदस्य उप संचालक अर्चना त्रिपाठी, विवेक सक्सेना और नरेन्द्र सिंह शामिल हैं. 

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यह है पूरा मामला

ट्रेजरी से जुड़े अफसरों ने बताया कि एसएसपी ऑफिस के 2018 से जुलाई 2023 के बीच के बिल भुगतान की जांच मुख्यालय ने की तो इसमें पाया गया कि यहां 77 खातों में 71 लाख रुपए का संदिग्ध भुगतान किया गया है. इस घपले में बिल क्लर्क अरविंद भदौरिया का नाम सामने आया. रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि बिल क्लर्क ने 17 लाख रुपए का भुगतान अपनी पत्नी नीतू के एसबीआई में ऑपरेट होने वाले खाते में ट्रांसफर किए गए. 

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थानों में नहीं स्टाफ 

एसपी दफ्तर की अनेक शाखाओं में लिपिकों का काम शाखा के अटेंडेंडेन्ट पदों पर कार्यरत आरक्षक संभाल रहे हैं. शाखाओं के लिपिक तो महज हस्ताक्षर अथॉरिटी ही हैं. एसपी ऑफिस के 100 से अधिक आरक्षक अटेंडेंडेन्ट के रूप में पदस्थ हैं जबकि इन सबकी पदस्थापना थानों में होनी चाहिए. एसएसपी राजेश सिंह चंदेल ने बताया कि बिल भुगतान में आरक्षक द्वारा किए गए घोटाले के सम्बंध में ट्रेजरी ने जांच समिति बनाई है. अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है. मिलते ही एफआईआर करवाई जाएगी.

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